खराब सेहत का हवाला देकर पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा ने मांगी जमानत, हाईकोर्ट ने दिया विशेष अदालत जाने का निर्देश
पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा ने खराब स्वास्थ्य के आधार पर जमानत मांगी। उच्च न्यायालय ने उन्हें राहत के लिए प्रवर्तन निदेशालय की विशेष अदालत में नियमित या ...और पढ़ें

पंजाब के पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा।
HighLights
पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा ने खराब सेहत पर मांगी जमानत।
हाईकोर्ट ने ईडी स्पेशल कोर्ट जाने का दिया निर्देश।
अरोड़ा हृदय रोग से पीड़ित, जेल में बिगड़ा स्वास्थ्य।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में जमानत की मांग की। मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने उन्हें इस संबंध में गुरुग्राम स्थित ईडी की स्पेशल कोर्ट में नियमित अर्जी दाखिल करने का निर्देश दिया।
सुनवाई के दौरान संजीव अरोड़ा की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि जेल में उनके मुवक्किल को पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि संजीव अरोड़ा हृदय संबंधी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और उनका स्वास्थ्य लगातार बिगड़ रहा है। वकील के अनुसार, जेल में रहने के दौरान उनका करीब आठ किलो वजन भी कम हो चुका है।
यह भी पढ़ें- पंजाब कैबिनेट के बड़े फैसले, निजी स्कूलों की फीस पर लगेगी लगाम; कर्मचारियों और युवाओं को भी बड़ी राहत
हार्ट की 40% कर रहा काम
बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि संजीव अरोड़ा का हार्ट केवल 40 प्रतिशत क्षमता के साथ काम कर रहा है, उनकी हृदय की धमनियों (आर्टरीज) में ब्लॉकेज है और उनकी तत्काल एंजियोग्राफी कराना चिकित्सकीय रूप से आवश्यक है। उन्होंने अदालत से कहा कि यदि जमानत नहीं दी जाती तो कम से कम उन्हें इलाज के लिए मेदांता अस्पताल भेजने की अनुमति दी जाए।
यह भी पढ़ें- पंजाब से बिहार तक शराब तस्करी का बड़ा नेटवर्क, जैविक खाद की आड़ में विदेशी शराब का खेल
विशेषज्ञ से उपचार की तुरंत जरूरत
वकील ने यह भी कहा कि आवश्यकता होने पर हिरासत में रखते हुए भी उनका उपचार कराया जा सकता है। बचाव पक्ष ने दलील दी कि संजीव अरोड़ा की हालत नाजुक है और समय पर विशेषज्ञ उपचार नहीं मिलने से उनकी सेहत को गंभीर खतरा हो सकता है।
खबरें और भी
दलीलें सुनने के बाद पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने संजीव अरोड़ा को स्वास्थ्य आधार पर राहत की मांग के लिए गुरुग्राम की ईडी की स्पेशल कोर्ट का रुख करने का निर्देश दिया।
यह भी पढ़ें- 'क्या पता कब किसे जेल जाना पड़े', विधायक की बात सुन ठहाकों से गूंजा सदन, स्पीकर भी हुए सख्त