पंजाब की 500 गौशालाओं में चारे का संकट गहराया, भूख से गोवंश पर खतरा; सरकार को शुक्रवार तक का अल्टीमेटम
पंजाब की 500 से अधिक गौशालाओं में चारे का गंभीर संकट है। महासंघ ने सरकार पर काऊ सेस का पैसा जारी न करने का आरोप लगाया और मांगें न मानने पर राज्यभर में ...और पढ़ें

पत्रकार वार्ता में संबोधन करते हुए स्वामी कृष्णानंद महाराज।
HighLights
पंजाब की 500 गौशालाओं में चारे का गंभीर संकट।
गौशाला महासंघ ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया।
शुक्रवार तक कार्रवाई न होने पर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब में गौशालाओं की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता सामने आई है। प्रदेश की 500 से अधिक गौशालाओं में चारे का भारी संकट पैदा हो गया है, जिससे हजारों गोवंश के जीवन पर खतरा मंडराने लगा है। पंजाब गौशाला महासंघ ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं और तत्काल कदम उठाने की मांग की है।
चंडीगढ़ में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान गौ सेवा मिशन प्रमुख स्वामी कृष्णानंद महाराज ने बताया कि प्रदेश में चारे की कमी का मुख्य कारण मील और फैक्टरी संचालकों द्वारा बड़े स्तर पर तुड़ी का भंडारण है। इसके चलते बाजार में गौशालाओं के लिए चारा उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो गौशालाओं में गोवंश भूख से मर सकते हैं।
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2016 से लिया जा रहा काऊ सेस
स्वामी कृष्णानंद ने बताया कि पंजाब सरकार वर्ष 2016 से काऊ सेस के नाम पर जनता से करोड़ों रुपये वसूल रही है, लेकिन अब तक गौशालाओं को कोई आर्थिक सहायता जारी नहीं की गई। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कई बार सरकार को पत्र लिखे गए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग तीन लाख गोवंश गौशालाओं में रह रहे हैं और उनकी देखभाल के लिए प्रतिदिन भारी खर्च आता है। एक गोवंश पर रोजाना कम से कम 100 रुपये खर्च होता है, लेकिन चारे की कीमतों में अचानक आई वृद्धि ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। तुड़ी की कीमत, जो पहले तीन रुपये के आसपास थी, अब बढ़कर 700 से 750 रुपये तक पहुंच गई है।
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सरकार के खिलाफा विरोध का ऐलान
गौशाला महासंघ से जुड़े पदाधिकारियों ने बताया कि अन्य राज्यों जैसे हरियाणा, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में सरकारें गौशालाओं को नियमित आर्थिक सहायता देती हैं, जबकि पंजाब में ऐसा नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार गौशालाओं को हर वर्ष बड़ा अनुदान देती है, जिससे वहां की स्थिति बेहतर है।
महासंघ ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि शुक्रवार तक चारे की उपलब्धता और आर्थिक सहायता को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो शनिवार को पूरे प्रदेश में गौशाला संचालक मुख्यमंत्री और मंत्रियों के निवास के बाहर विरोध प्रदर्शन करेंगे।