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कल पंजाब के सरकारी दफ्तरों का काम रहेगा ठप, बसों से अस्पताल और तहसील तक दिखेगा असर!

Updated: Wed, 26 Aug 2026 04:59 PM (IST)

27 अगस्त को पंजाब के सरकारी कर्मचारी महाहड़ताल पर रहेंगे। सरकारी दफ्तर, बसें, स्कूल और अस्पतालों की ओपीडी प्रभावित होगी, जबकि बाजार, निजी सेवाएं, रेल और आपातकालीन सेवाएं सामान्य रहेंगी।

फिरोजपुर में सिविल सर्जन को सामूहिक छुट्‌टी की जानकारी देते हुए सेहत विभाग के कर्मचारी।

फिरोजपुर में सिविल सर्जन को सामूहिक छुट्‌टी की जानकारी देते हुए सेहत विभाग के कर्मचारी।

HighLights

  1. 27 अगस्त को पंजाब में सरकारी कर्मचारियों की महाहड़ताल।

  2. सरकारी दफ्तर, अस्पताल, स्कूल, बस सेवाएं प्रभावित होंगी।

  3. पुरानी पेंशन योजना बहाली प्रमुख मांगों में शामिल है।

रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब में सरकारी कामकाज कराने वाले लोगों के लिए 27 अगस्त का दिन परेशानी वाला रहेगा। सांझा मुलाजिम मंच पंजाब एंड यूटी के आह्वान पर प्रदेश के करीब तीन लाख से अधिक सरकारी कर्मचारी और चार लाख से अधिक पेंशनभोगी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक दिवसीय महाहड़ताल करेंगे।

इसका असर सरकारी दफ्तरों, अस्पतालों, स्कूलों, तहसीलों से लेकर सरकारी बस सेवाओं तक देखने को मिलेगा। हालांकि संगठन ने स्पष्ट किया है कि यह पंजाब बंद नहीं, बल्कि सरकारी कर्मचारियों की महाहड़ताल है। बाजार, दुकानें और निजी संस्थान सामान्य रूप से खुले रहेंगे।

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बसों पर दिखेगा असर

महाहड़ताल में सरकारी विभागों के ड्राइवर भी शामिल होंगे। ऐसे में अधिकारियों की सरकारी गाड़ियां भी नहीं चलेंगी। पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के नियमित ड्राइवर-कंडक्टर भी काम पर नहीं आएंगे। यूनियन के अनुसार बसों को डिपो से बाहर नहीं निकाला जाएगा। हालांकि किसी तरह का चक्का जाम नहीं किया जाएगा और निजी वाहनों की आवाजाही सामान्य रहेगी।

वहीं, दूसरी तरफ कच्चे मुलाजिम पहुंचेंगे और अपने रूट की बसों को चलाएंगे। ऐसे में कुछ रूटों पर बसें प्रभावित होने का अनुमान है।

अस्पतालों में OPD रहेगी बंद

सरकारी अस्पतालों, आयुष्मान आरोग्य केंद्रों और आम आदमी क्लिनिक में ओपीडी सेवाएं प्रभावित रहेंगी। सरकारी डाक्टर भी महाहड़ताल में शामिल होंगे। हालांकि सरकारी अस्पतालों की इमरजेंसी सेवाएं और 108 एंबुलेंस सेवा चालू रहने की बात कही गई है।

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स्कूल-कालेजों में भी कामकाज प्रभावित

सभी सरकारी स्कूल, सरकारी कालेज, यूनिवर्सिटी और अन्य सरकारी शिक्षण संस्थानों में शिक्षण और प्रशासनिक कामकाज प्रभावित रहेगा। यूनियन का दावा है कि शिक्षक और क्लेरिकल स्टाफ सामूहिक अवकाश पर रहेगा।

तहसील-पटवारखाने और सेवा केंद्रों में काम बंद

सिविल सचिवालय, डीसी कार्यालय, एसडीएम कार्यालय, तहसील, पटवारखाने और सेवा केंद्रों में नियमित कामकाज नहीं होगा। पीडब्लूडी, नहरी विभाग, नगर निगम, स्वास्थ्य तथा वाटर एंड सैनिटेशन विभागों के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल होंगे। पीएसपीसीएल यानी पावरकॉम के दफ्तरों, कैश काउंटर और ट्रेजरी में भी कामकाज प्रभावित रहेगा।

SIR का काम भी होगा प्रभावित

सांझा मुलाजिम मंच के प्रधान सुखचैन सिंह खैहरा ने बताया कि यूनियन ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर एसआईआर ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश पर रहने की जानकारी दी है। उन्होंने कर्मचारियों को हड़ताल के दिन काम के लिए बाध्य नहीं करने की मांग की है। साथ ही विभागों से 27 अगस्त और उससे एक दिन पहले ट्रेजरी में बिल नहीं भेजने की अपील की है।

बाजार और निजी सेवाएं रहेंगी सामान्य

यह हड़ताल आम लोगों के लिए पंजाब बंद नहीं है। प्राइवेट स्कूल, कालेज, अस्पताल, निजी कार्यालय और निजी बस सेवाएं सामान्य रूप से चलेंगी। बाजार, दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान खुले रहेंगे। दूध की सप्लाई, सब्जियों की आवाजाही और रेल यातायात पर भी असर नहीं पड़ेगा।
जिला स्तर पर सरकार के पुतले फूंकेंगे

पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन के मुख्य सलाहकार सुनील कुमार के अनुसार हड़ताल के दौरान जिला स्तर पर सरकारी कार्यालयों में कामकाज बंद करके सरकार के पुतले फूंके जाएंगे। चंडीगढ़ में सचिवालय के सामने धरना दिया जाएगा। मोहाली में भी प्रदर्शन होगा। 28 से 30 अगस्त तक डायरेक्टोरेट कार्यालयों का धरना सेक्टर-17 की ब्रिज मार्केट में आयोजित किया जाएगा।

क्या हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें

सांझा मुलाजिम मंच की प्रमुख मांगों में लंबित महंगाई भत्ता जारी करना, नई पेंशन स्कीम खत्म कर पुरानी पेंशन योजना बहाल करना, कच्चे, कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करना, एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (एसीपी) स्कीम बहाल करना और वेतन विसंगतियां दूर करना शामिल है।

संगठन 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती कर्मचारियों को पुराने और संशोधित वेतनमान का पूरा लाभ देने, मानदेय कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन लागू करने तथा पेंशनभोगियों के लंबित वित्तीय लाभ जारी करने की भी मांग कर रहा है।

सुखचैन सिंह खैहरा ने कहा कि कर्मचारियों की मांग केवल डीए तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार डीए का मामला कर्मचारी अदालत से हासिल कर चुके हैं और अब सरकार से अदालत के आदेश लागू करवाने का दबाव बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि 27 अगस्त को मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ साझा मुलाजिम फ्रंट की बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें कर्मचारियों की सभी मांगों पर चर्चा होगी।

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