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    भूमि अधिग्रहण से मंजूरियों तक अटकी रेल योजनाएं, पंजाब सरकार से लंबित मामलों में हस्तक्षेप का किया आग्रह

    Updated: Thu, 23 Jul 2026 04:53 PM (IST)

    केंद्र सरकार ने पंजाब की लंबित रेल परियोजनाओं पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान से हस्तक्षेप की अपील की है। भूमि अधिग्रहण और प्रशासनिक मंजूरियो ...और पढ़ें

    ये AI जनरेटेड इमेज है।

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    HighLights

    1. केंद्रीय मंत्री ने पंजाब की धीमी रेल परियोजनाओं पर चिंता जताई।

    2. भूमि अधिग्रहण, वन मंजूरी और प्रशासनिक स्वीकृतियां लंबित हैं।

    3. मुख्यमंत्री मान से व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर समाधान का अनुरोध।

    रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब में कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं की धीमी प्रगति को लेकर केंद्र सरकार ने राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर कहा है कि राज्य सरकार के स्तर पर लंबित स्वीकृतियों, भूमि अधिग्रहण और विभिन्न प्रशासनिक मंजूरियों के कारण कई अहम रेल परियोजनाओं का काम तय समय से पीछे चल रहा है।

    उन्होंने मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर इन मामलों के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने का अनुरोध किया है। 20 जुलाई, 2026 को भेजे गए इस पत्र में केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि पंजाब की लंबित रेल परियोजनाएं केवल राज्य के लिए ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय महत्व की भी हैं।

    इनके पूरा होने से क्षेत्रीय संपर्क मजबूत होगा, माल और यात्री परिवहन को गति मिलेगी तथा औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में हो रही देरी का सीधा असर विकास कार्यों पर पड़ रहा है।

    पत्र में पांच प्रमुख परियोजनाओं का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। इनमें फिरोजपुर-पट्टी नई रेल लाइन, राजपुरा-मोहाली नई रेल लाइन, नंगल डैम-तलवाड़ा-मुकेरियां नई रेल लाइन, रमन मंडी-सद्दा सिंहवाला नई रेल लाइन तथा राज्य के विभिन्न हिस्सों में रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) और लिमिटेड हाइट सबवे (एलएचएस) परियोजनाएं शामिल हैं।

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    भूमि अधिग्रहण के कारण निर्माण कार्य रुका

    संलग्न विवरण के अनुसार फिरोजपुर-पट्टी नई रेल लाइन परियोजना के लिए करीब 165.69 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। इसके लिए वर्ष 2023 में अवार्ड जारी किए गए थे और रेलवे ने लगभग 194.11 करोड़ रुपये राज्य सरकार के पास जमा भी करा दिए हैं। इसके बावजूद अधिग्रहित भूमि का कब्जा अभी तक रेलवे को नहीं सौंपा गया है, जिससे निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।

    नंगल डैम-तलवाड़ा-मुकेरियां रेल लाइन परियोजना में वन भूमि संबंधी अंतिम स्वीकृति लंबित है। दस्तावेज के अनुसार वन्यजीव शमन योजना पहले ही मुख्य वन्यजीव संरक्षक को भेजी जा चुकी है, लेकिन अंतिम मंजूरी मिलने का इंतजार है। वहीं रमन मंडी-सद्दा सिंहवाला नई रेल लाइन परियोजना के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी किया जाना अभी बाकी है।

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    रेलवे ओवरब्रिज परियोजनाओं में बड़ी बाधाएं

    पत्र में राज्यभर में रेलवे ओवरब्रिज और लिमिटेड हाइट सबवे परियोजनाओं के सामने आ रही बाधाओं का भी विस्तृत उल्लेख किया गया है। लुधियाना, फाजिल्का, संगरूर, होशियारपुर, मोहाली, बठिंडा और जालंधर समेत कई जिलों में भूमि अधिग्रहण, सड़क बंद करने की अनुमति, ट्रैफिक डायवर्जन योजना की मंजूरी तथा जिला प्रशासन और राज्य सरकार से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लंबित होने के कारण कार्य प्रभावित बताया गया है।

    लंबित मंजूरियों से अटकीं रेल विकास योजनाएं

    कुछ स्थानों पर निर्माण एजेंसी की धीमी कार्यप्रणाली का भी उल्लेख किया गया है। केंद्रीय राज्य  मंत्री ने मुख्यमंत्री से कहा है कि इन लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराया जाए ताकि वर्षों से अटकी रेल परियोजनाओं को गति मिल सके।

    उन्होंने पत्र में कहा कि समय पर परियोजनाएं पूरी होने से पंजाब में रेल संपर्क मजबूत होगा, यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, माल ढुलाई अधिक सुगम होगी और राज्य के सामाजिक व आर्थिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी।

    उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार शीघ्र आवश्यक कदम उठाकर लंबित औपचारिकताओं को पूरा करेगी, जिससे इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं का कार्य तेजी से आगे बढ़ सके।

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