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विधानसभा में उठे सवाल पर सामने आए हैरान करने वाले आंकड़े; पंजाब में दस साल में हजार करोड़ के बिजली उपकरण चोरी

Published: Sun, 15 Mar 2026 02:09 PM (IST)

पंजाब में पिछले दस वर्षों में ट्रांसफार्मर और बिजली उपकरणों की चोरी से पावरकाम को 1003 करोड़ रुपये से अधिक ...और पढ़ें

10 सालों में 1000 करोड़ के उपकरण हो गए चोरी।

10 सालों में 1000 करोड़ के उपकरण हो गए चोरी।

रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब में पिछले एक दशक के दौरान ट्रांसफार्मर और बिजली उपकरणों की चोरी ने पावरकाम को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। विधानसभा में पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि वर्ष 2015-16 से 2025-26 तक राज्य भर में 1.34 लाख ट्रांसफार्मर और बिजली के पुर्जे चोरी हो चुके हैं।

इनकी कुल कीमत 1003.74 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस तरह चोर हर साल औसतन करीब 100 करोड़ रुपये का नुकसान पावरकाम को पहुंचा रहे हैं। विधायक डॉ. सुखविंदर कुमार सुक्खी के सवाल पर सरकार ने यह आंकड़े साझा किए। जवाब में यह भी बताया गया कि ट्रांसफार्मर और बिजली उपकरणों की लगातार हो रही चोरी से जहां पावरकाम को वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है, वहीं बिजली आपूर्ति बाधित होने से उपभोक्ताओं और किसानों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है।

क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो पावरकाम के दक्षिणी जोन में सबसे ज्यादा चोरी हुई है। यहां पिछले दस सालों में 615.72 करोड़ रुपये के ट्रांसफार्मर और बिजली उपकरण चोरी हुए। इसके बाद बार्डर जोन दूसरे स्थान पर है, जहां 203.31 करोड़ रुपये का सामान चोरी हुआ। इसी तरह उत्तरी जोन में 72.27 करोड़ रुपये, पश्चिमी जोन में 61.71 करोड़ रुपये और पूर्वी जोन में 45.76 करोड़ रुपये के ट्रांसफार्मर और बिजली उपकरण चोरी होने की जानकारी सामने आई है।

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पटियाला सर्कल में सबसे ज्यादा चोरी

जिलों की बात करें तो पावरकाम के पटियाला सर्कल में सबसे ज्यादा 554.03 करोड़ रुपये की चोरी दर्ज की गई है। वहीं मुख्यमंत्री के पैतृक जिले वाले संगरूर सर्कल में भी 34.37 करोड़ रुपये के ट्रांसफार्मर और बिजली उपकरण चोरी हो चुके हैं। बर्नाला सर्कल में भी 27.32 करोड़ रुपये के उपकरण चोरी होने का आंकड़ा सामने आया है।

इन घटनाओं का असर किसानों पर भी पड़ रहा है। कई मामलों में चोर खेतों में लगी मोटरों को निशाना बनाते हैं और उनमें से तांबा निकाल कर ले जाते हैं। किसानों का कहना है कि मोटर से तांबा और अन्य पुर्जे निकाल लेने से उन्हें करीब 10 हजार रुपये तक का नुकसान हो जाता है। कई बार ट्रांसफार्मर से जुड़ी केबल भी काट कर ले जाई जाती है, जिससे बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है।

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मुक्तसर के गांवों में मीटरों की चोरी

जिला मुक्तसर के गांव गुरूसर और घग्गा में पिछले दो हफ्तों के दौरान ही दर्जनों मोटरों की चोरी की घटनाएं सामने आई हैं। किसानों का कहना है कि अधिकतर वारदातें रात के समय खेतों में होती हैं। बिजली मंत्री ने अपने जवाब में कहा कि ट्रांसफार्मरों से तेल और अन्य सामान निकाल कर चोर कबाड़ियों को बेच देते हैं।

उधर, पंजाब विधानसभा की कृषि संबंधी समिति ने भी इस समस्या को गंभीर मानते हुए सिफारिश की है कि चोरी की वजह से किसानों को हुए नुकसान की भरपाई पावरकाम द्वारा की जानी चाहिए।

आंकड़ों के अनुसार पिछली कांग्रेस सरकार के समय 712.92 करोड़ रुपये के ट्रांसफार्मर और बिजली उपकरण चोरी हुए थे, जबकि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में अब तक 240.32 करोड़ रुपये का बिजली सामान चोरी हो चुका है।

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