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    मंत्री संजीव अरोड़ा ने हाई कोर्ट में ईडी पर उठाए गंभीर सवाल, गिरफ्तारी प्रक्रिया को बताया कानून विरुद्ध

    Updated: Fri, 15 May 2026 05:13 PM (IST)

    मंत्री संजीव अरोड़ा ने हाई कोर्ट में ईडी की गिरफ्तारी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सुबह हिरासत में लेने के बावजूद शाम को गिरफ् ...और पढ़ें

    मंत्री संजीव अरोड़ा।

    मंत्री संजीव अरोड़ा।

    HighLights

    1. ईडी की गिरफ्तारी प्रक्रिया पर मंत्री ने सवाल उठाए।

    2. गिरफ्तारी का समय गलत दर्शाने का आरोप लगाया।

    3. धन शोधन निवारण कानून के उल्लंघन का दावा किया।

    राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब सरकार के मंत्री संजीव अरोड़ा ने अपनी गिरफ्तारी को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मामले की सुनवाई के दौरान मंत्री पक्ष ने आरोप लगाया कि जांच एजेंसी ने कानून और संवैधानिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया तथा गिरफ्तारी को लेकर गलत समय दर्शाकर नियमों की खुलेआम अनदेखी की गई।

    हाई कोर्ट में दायर याचिका में संजीव अरोड़ा की ओर से कहा गया कि उन्हें सुबह करीब सात बजे ही हिरासत में ले लिया गया था, लेकिन गिरफ्तारी का समय शाम करीब चार बजे दिखाया गया। याचिका में दावा किया गया कि इस तरह गिरफ्तारी प्रक्रिया को मनमाने तरीके से पेश कर कानून की धज्जियां उड़ाई गईं।

    सुनवाई के दौरान अरोड़ा पक्ष ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय ने धन शोधन निवारण कानून की धारा 19 और धारा 50 का उल्लंघन किया है। याचिका में आरोप लगाया गया कि गिरफ्तारी से पहले स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच नहीं की गई तथा पूरी कार्रवाई पूर्वाग्रहपूर्ण तरीके से की गई।

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    पक्षपातपूर्ण रवैये के लगाए आरोप

    अदालत में यह भी कहा गया कि संबंधित अधिकारी पहले से ही पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाए हुए थे। मंत्री पक्ष ने दावा किया कि जांच एजेंसी ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करने के बजाय पहले गिरफ्तारी का फैसला लिया और बाद में उसे उचित ठहराने की कोशिश की।

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    याचिका में गिरफ्तारी समय को लेकर भी गंभीर संवैधानिक सवाल उठाए गए। अरोड़ा पक्ष का कहना है कि किसी व्यक्ति को हिरासत में लेने और औपचारिक गिरफ्तारी दिखाने के बीच लंबे अंतर को छिपाना नागरिक अधिकारों का उल्लंघन है। अदालत को बताया गया कि इस तरह की कार्रवाई व्यक्ति की स्वतंत्रता और निष्पक्ष न्याय की संवैधानिक गारंटी के खिलाफ है।

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    सोमवार को मामले में फिर सुनवाई

    सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय को अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया है। मामले में सोमवार को ईडी अपनी दलीलें अदालत के सामने पेश करेगी।

    वहीं दूसरी तरफ, मंत्री संजीव अरोड़ा को रिमांड अवधि पूरी होने के बाद ईडी शनिवार को उन्हें दोबारा अदालत में पेश करेगी। आरोप है कि संजीव अरोड़ा की कंपनी ने 12 मई 2023 से 27 अक्टूबर 2023 के बीच लगभग 157.12 करोड़ मूल्य के मोबाइल फोन बेचे। जिनमें से करीब 102.50 करोड़ का निर्यात यूएई की दो कंपनियों मैसर्स फोर्ट बैल टेलीकॉम और मैसर्स ड्रैगन ग्लोबल को किया गया। 

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