संदीप पाठक की याचिका पर सुनवाई, पंजाब सरकार से नाराज हाई कोर्ट, पूछा- आखिर एफआईआर दर्ज है या नहीं
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने एफआईआर मामले में स्पष्ट जवाब न देने पर पंजाब सरकार पर नाराज़गी जताई। अदालत ने पूछा कि आखिर मामला दर्ज है या नहीं। साथ ह ...और पढ़ें

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट व सांसद संदीप पाठक।
HighLights
हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई।
एफआईआर दर्ज होने की जानकारी न देने पर सवाल।
सीलबंद लिफाफे में जवाब देने की पेशकश पर आपत्ति।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में शुक्रवार को संदीप पाठक की याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने पंजाब सरकार के रवैये पर कड़ी नाराज़गी जताई। अदालत ने स्पष्ट शब्दों में पूछा कि आखिर संबंधित मामले में प्राथमिकी दर्ज है या नहीं, लेकिन कई मौकों के बावजूद सरकार की ओर से कोई सीधा और स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार को पहले अदालत के सवाल का स्पष्ट उत्तर देना चाहिए। अदालत ने यह भी कहा कि उसके बाद ही याचिका की सुनवाई योग्य होने के मुद्दे पर विचार किया जाएगा। अदालत ने फिलहाल मामले में किसी भी प्रकार की कार्रवाई पर लगी रोक को जारी रखा है।
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सीलबंद लिफाफे में जवाब देने की पेशकश पर उठा सवाल
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने इस बात पर भी नाराज़गी जताई कि सरकार की ओर से जानकारी सीलबंद लिफाफे में देने की पेशकश की गई। अदालत ने सवाल उठाया कि जब मूल प्रश्न केवल इतना है कि प्राथमिकी दर्ज हुई है या नहीं, तो इसमें गोपनीयता की आवश्यकता क्यों पड़ रही है।
हाई कोर्ट ने कहा कि इससे पहले भी राज्य सरकार को कई अवसर दिए जा चुके हैं। अदालत ने उल्लेख किया कि आठ मई को जारी आदेश के बावजूद अब तक स्पष्ट स्थिति सामने नहीं रखी गई। अदालत ने यह भी कहा कि छह अवसर मिलने के बाद भी यदि सरकार स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रही है तो यह गंभीर विषय है।
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क्या है मामला?
पाठक की ओर से अदालत को बताया गया कि समाचार रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उनके खिलाफ दो एफआइआर दर्ज की गई हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस महानिदेशक से संपर्क करने के बावजूद यह नहीं बताया जा रहा कि कोई मामला दर्ज है या नहीं, यदि है तो कहां और किन धाराओं में।