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    अमृतसर-जालंधर धमाकों पर BJP- कांग्रेस का पंजाब सरकार पर हमला, बोले- कुर्सी बचाने में उलझे हैं सभी

    Updated: Wed, 06 May 2026 01:38 PM (IST)

    जालंधर और अमृतसर धमाकों के बाद पंजाब की राजनीति गरमा गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के बयान पर भाजपा और कांग्रेस ने सरकार को घेरा, जबकि कानून व्यवस्था औ ...और पढ़ें

    भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ और कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग।

    भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ और कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग।

    HighLights

    1. जाखड़ ने पंजाब सरकार पर धमाकों पर राजनीति का आरोप लगाया।

    2. मुख्यमंत्री मान पर कुर्सी बचाने में उलझे रहने का आरोप।

    3. डीजीपी और सीएम के बयानों में अंतर पर चिंता व्यक्त की।

    रोहित कुमार, चंडीगढ़। जालंधर और अमृतसर में हुए ताजा धमाकों के बाद पंजाब की कानून-व्यवस्था को लेकर सियासी पारा चरम पर पहुंच गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के बयान के बाद विपक्षी दलों ने मोर्चा खोल दिया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जबकि सत्ता पक्ष के भीतर इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग ही राजनीतिक एंगल की चर्चा तेज हो गई है।

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि “धमाकों के पीछे जहां पंजाब पुलिस के डीजीपी पाकिस्तान की आईएसआई की भूमिका की ओर इशारा कर रहे हैं, वहीं मुख्यमंत्री का अलग रुख लेना कई सवाल खड़े करता है।” उन्होंने मुख्यमंत्री को सलाह दी कि वे राजनीतिक बयानबाजी से दूर रहकर पुलिस को अपना काम करने दें।

    भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “पंजाब एक सरहदी राज्य है, लेकिन मौजूदा सरकार इसे संभालने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। पिछले साढ़े चार साल में प्रदेश की जनता गोलियों, धमाकों और आपराधिक घटनाओं का दर्द झेल रही है।”

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    चुग बोले- राज्य में हालात अनियंत्रित

    अश्विनी शर्मा ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी बयानबाजी राज्य की गंभीर स्थिति के अनुरूप नहीं है और उन्हें जिम्मेदारी से काम करना चाहिए। शर्मा ने यह भी दोहराया कि भाजपा के लिए पंजाब की शांति और भाईचारा सर्वोपरि है और पार्टी हमेशा राज्य के साथ खड़ी रही है।

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    भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग ने भी कानून-व्यवस्था को लेकर मान सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि “लगातार हो रहे धमाकेऔर सुरक्षा बलों को निशाना बनाना इस बात का संकेत है कि राज्य में हालात नियंत्रण से बाहर हो रहे हैं, जबकि सरकार राजनीतिक मुद्दों में उलझी हुई है।”

    वड़िंग बोले- राज्य व केंद्र सरकार में समन्यव की कमी

    वहीं कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने केंद्र और राज्य—दोनों सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि “कानून-व्यवस्था की गिरती स्थिति दोनों के समन्वय की कमी को दर्शाती है।” कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता जसकरण सिंह काहलों ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि गृह विभाग उनके पास होने के बावजूद ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हो रही।

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    आप का भाजपा पर हमला

    इधर, राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के हालिया बयानों के पीछे भाजपा की सियासी रणनीति काम कर रही है, जिससे मुद्दे को राजनीतिक रूप दिया जा सके। हालांकि इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है, लेकिन इस एंगल ने बहस को और गर्म कर दिया है।

    पहले पुलिस थानों पर हमले और अब केंद्रीय बलों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। आम लोगों के बीच भी असुरक्षा का माहौल गहराता जा रहा है।

    स्पष्ट है कि पंजाब में कानून-व्यवस्था का मुद्दा अब सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि पूरी तरह राजनीतिक बन चुका है। आने वाले दिनों में इस पर सियासत और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

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