विजिलेंस ब्यूरो ने चार साल में की 1111 गिरफ्तारियां, भ्रष्टाचार पर कसा शिकंजा; ट्रैप मामलों में रिकॉर्ड कार्रवाई
विजिलेंस ब्यूरो ने चार वर्षों में 1055 मामले दर्ज कर 1111 गिरफ्तारी की। ट्रैप मामलों में सबसे अधिक कार्रवाई हुई। कई आरोपितों को सजा भी मिली, जिससे भ्र ...और पढ़ें

ये AI जनरेटेड इमेज है।
HighLights
विजिलेंस ब्यूरो ने चार वर्षों में 1111 आरोपितों को गिरफ्तार किया।
503 ट्रैप मामलों में 610 आरोपित रंगे हाथों पकड़े गए।
149 भ्रष्टाचार मामलों में 236 आरोपितों को दोषी ठहराया गया।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। विजिलेंस ब्यूरो ने पिछले चार वर्षों में बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए 1055 मामले दर्ज किए हैं। 16 मार्च 2022 से 31 मई 2026 तक चले अभियान में कुल 1111 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। विजिलेंस ब्यूरो के अनुसार, इस दौरान भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में लगातार छापेमारी, जांच और कानूनी कार्रवाई की गई, जिससे सरकारी तंत्र में जवाबदेही बढ़ाने का प्रयास हुआ है।
विजिलेंस ब्यूरो के आधिकारिक प्रवक्ता ने शनिवार को बताया कि दर्ज मामलों में सबसे अधिक कार्रवाई ट्रैप केसों में हुई। ब्यूरो ने 503 ट्रैप मामलों में 610 आरोपितों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ये वे मामले थे जिनमें रिश्वत लेते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को पकड़ा गया।
यह भी पढ़ें- पंजाब सीएम ने एक जुलाई को बुलाई मंत्रिमंडल की बैठक, कई अहम फैसलों पर लग सकती है मुहर
485 आरोपितों की हो चुकी गिरफ्तारी
इसके अलावा 521 आपराधिक मामलों में 485 आरोपितों की गिरफ्तारी की गई। वहीं आय से अधिक संपत्ति के 31 मामलों में 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया। ब्यूरो का कहना है कि भ्रष्टाचार के बड़े नेटवर्क को तोड़ने के लिए केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि वित्तीय जांच पर भी विशेष जोर दिया गया।
आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में कुल 296 विजिलेंस जांच (इन्क्वायरी) दर्ज की गईं। इनमें 116 जांच आय से अधिक संपत्ति से संबंधित थीं, जबकि 180 अन्य मामलों में जांच शुरू की गई।
यह भी पढ़ें- मोगा में जामुन तोड़ने को लेकर शुरू हुए विवाद में चली गोली, युवक घायल; पुलिस ने दो आरोपी किए गिरफ्तार
236 को ठहराया गया दोषी
अधिकारियों का कहना है कि कई मामलों में जांच अभी जारी है और आने वाले समय में और बड़ी कार्रवाई संभव है। कानूनी मोर्चे पर भी विजिलेंस ब्यूरो को सफलता मिली है। सक्षम अदालतों ने 149 भ्रष्टाचार मामलों में 236 आरोपितों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। ब्यूरो का दावा है कि इन सजाओं से भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश गया है।