पंजाब फार्मेसी भर्ती परीक्षा में हाईटेक नकल, चार और आरोपित रडार पर; विशेष पेन से प्रश्नपत्र हुआ स्कैन
फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा में हाईटेक नकल गिरोह के मामले में पुलिस ने चार और आरोपितों की पहचान की है। उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है, जबकि ...और पढ़ें

आइजी नीलांबरी जगदले व रिवकर की गई डिवाइस।
HighLights
फार्मेसी भर्ती परीक्षा में हाईटेक नकल का खुलासा।
विशेष पेन से प्रश्नपत्र स्कैन कर उत्तर पहुंचाए गए।
चार और आरोपी चिह्नित, पुलिस छापेमारी जारी।
जागरण संवाददाता, फरीदकोट। बाबा फरीद विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा में हाईटेक तरीके से नकल करवाने के मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है। पुलिस ने अब इस मामले में चार और आरोपितों की पहचान की है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। वहीं, गिरफ्तार आरोपितों से बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच भी शुरू कर दी गई है।
उपकरणों की जांच के बाद एजेंसियों को और अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। फरीदकोट रेंज की आईजी नीलांबरी जगदले ने प्रेस वार्ता में बताया कि इस मामले का भंडाफोड़ फरीदकोट रेंज पुलिस, फिरोजपुर रेंज पुलिस और पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस इकाई ने संयुक्त कार्रवाई के दौरान किया था। शुरुआती कार्रवाई में सात संचालकों और 28 अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया गया था।
पूछताछ के बाद छह साजिशकर्ताओं और 20 अभ्यर्थियों की संलिप्तता सामने आने पर कुल 26 लोगों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि इनमें से 22 आरोपितों को फरीदकोट पुलिस ने और चार आरोपितों को फिरोजपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सभी के खिलाफ साइबर अपराध थाना फरीदकोट, फिरोजपुर कैंट थाना और कुलगढ़ी थाना में विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।
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पड़ोसी राज्य हरियाणा से जुड़े तार
गिरफ्तार आरोपितों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जा रहा है, ताकि उनसे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और अन्य सहयोगियों की जानकारी जुटाई जा सके। पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि जांच के दौरान चार अन्य आरोपितों की भी पहचान हुई है। इनमें एक आरोपित हरियाणा के भिवानी का रहने वाला है, जबकि तीन अन्य पंजाब के विभिन्न जिलों से हैं। इन सभी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
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प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परीक्षा शुरू होने के बाद एक अभ्यर्थी ने विशेष पेन की मदद से प्रश्नपत्र को स्कैन किया। इसके बाद प्रश्नपत्र हरियाणा भेजा गया, जहां से उसे राजस्थान में बैठे पेपर हल करने वाले व्यक्ति तक पहुंचाया गया।
वहां से हल किया गया प्रश्नपत्र फरीदकोट में कथित मास्टरमाइंड गुरमीत सिंह के पास पहुंचा, जिसने अपने घर में अस्थायी नियंत्रण कक्ष बनाया हुआ था। यहीं से ब्लूटुथ उपकरणों के माध्यम से परीक्षा केंद्रों में मौजूद अभ्यर्थियों तक उत्तर पहुंचाए जा रहे थे।
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प्रश्नपत्र के लीक होने की पुष्टि नहीं
नीलांबरी जगदले ने स्पष्ट किया कि अब तक की जांच में प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि नहीं हुई है। साथ ही परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था के किसी अधिकारी की संलिप्तता भी अभी तक सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है, जिससे डिजिटल साक्ष्य मिल सकते हैं और जांच को नई दिशा मिल सकती है।
इस बीच बाबा फरीद विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. अरविंद कुमार ने भी स्पष्ट किया कि अब तक की पुलिस जांच में प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि नहीं हुई है।
तकनीकी उपकरणों की ली गई मदद
उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने परीक्षा शुरू होने के बाद तकनीकी उपकरणों की मदद से नकल करने का प्रयास किया था। विश्वविद्यालय ने 454 से अधिक फार्मेसी अधिकारी पदों के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की थी, जिसमें 6,474 अभ्यर्थियों ने भाग लिया।
रजिस्ट्रार ने कहा कि पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट सरकार को भेजी जा रही है। सरकार से जो भी दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे, उनके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने और फरार आरोपितों को गिरफ्तार करने के लिए जांच लगातार जारी है।
पॉइंट्स में समझें, कैसे चला नकल का खेल
पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ था, बल्कि परीक्षा शुरू होने के बाद हाईटेक तरीके से नकल की गई थी। इस पूरी प्रक्रिया को निम्नलिखित बिंदुओं में समझा जा सकता है:
विशेष पेन से स्कैनिंग: परीक्षा शुरू होने के बाद, केंद्र के भीतर मौजूद एक अभ्यर्थी ने एक विशेष इलेक्ट्रॉनिक पेन की मदद से प्रश्नपत्र को स्कैन किया।
हरियाणा और राजस्थान ट्रांसफर: स्कैन किए गए प्रश्नपत्र को तुरंत डिजिटल माध्यम से हरियाणा भेजा गया। वहाँ से इसे राजस्थान में मौजूद पेपर सॉल्व करने वाले (हल करने वाले) व्यक्ति तक पहुँचाया गया।
मास्टरमाइंड का कंट्रोल रूम: राजस्थान से हल किए गए उत्तर फरीदकोट में कथित मास्टरमाइंड गुरमीत सिंह के पास पहुंचे। गुरमीत ने अपने घर में एक अस्थायी नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) बनाया हुआ था।
ब्लूटूथ से उत्तर आपूर्ति: मास्टरमाइंड ने अपने इस कंट्रोल रूम से ब्लूटूथ उपकरणों के माध्यम से परीक्षा केंद्रों के अंदर बैठे अभ्यर्थियों तक सही उत्तर पहुंचाए।
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