फतेहगढ़ साहिब में आम आदमी क्लिनिकों का पूरा स्टाफ सिविल अस्पताल परिसर में एकत्र हुआ और विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व यूनियन नेताओं डॉ. सुखविंदर सिंह और डॉ. सुलखन जीत सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ कई दौर की वार्ता हो चुकी है और हर बार मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन आज तक किसी भी फैसले को लिखित रूप नहीं दिया गया।
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फिरोजपुर में प्रदर्शन करते हुए कर्मचारी।
लिखित आश्वासन तक जारी रहेगी हड़ताल
यूनियन नेताओं ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में वेतन और इंसेंटिव में हर वर्ष वृद्धि, कैजुअल और मेडिकल अवकाश की व्यवस्था, नौकरी की सुरक्षा तथा सभी कर्मचारियों की सेवाएं नियमित करना शामिल है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य मंत्री से भी कई बार मुलाकात की गई, लेकिन मांगों के समाधान के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
उधर, फिरोजपुर में भी आम आदमी क्लिनिकों के डॉक्टरों, फार्मासिस्टों और क्लिनिकल सहायकों ने सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर धरना देकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कहा कि सरकार के आश्वासनों पर अब भरोसा नहीं रह गया है। जब तक उनकी मांगों को लिखित रूप में स्वीकार नहीं किया जाता, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।
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निर्णय न हुआ तो प्रदर्शन होगा तेज
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पूरे पंजाब में सभी जिलों के सिविल सर्जन कार्यालयों के बाहर एक साथ विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। यदि जल्द सकारात्मक फैसला नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उनका आरोप है कि लंबे समय से सेवाएं देने के बावजूद कर्मचारियों को न तो नौकरी की सुरक्षा मिली है और न ही अन्य मूलभूत सुविधाएं।
फतेहगढ़ साहिब में चल रहे धरने में शिरोमणि अकाली दल के हलका प्रभारी बलजीत सिंह भुट्टा भी पहुंचे। उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के बड़े-बड़े दावे करने वाली सरकार अपने ही स्वास्थ्य कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने में विफल रही है। उन्होंने कर्मचारियों की मांगों को जायज बताते हुए सरकार से जल्द समाधान निकालने की अपील की।
यूनियन नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने जल्द लिखित अधिसूचना जारी नहीं की तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। ऐसे में राज्यभर के आम आदमी क्लिनिकों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।