फतेहगढ़ साहिब में सूआ के ओवरफ्लो ने उजाड़ी किसान की मेहनत, खेतों में घुसा पानी; फसल बर्बाद
सूआ में पानी ओवरफ्लो होने से गांव डडहेड़ी के खेतों में पानी भर गया और किसान की खड़ी फसल बर्बाद हो गई। किसानों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए ...और पढ़ें

खेतों में फैला पानी।
HighLights
फतेहगढ़ साहिब में सुई के ओवरफ्लो से फसलें बर्बाद।
किसानों ने प्रशासन से मुआवजे और स्थायी समाधान की मांग की।
नहरी विभाग ने शिकायत पर जांच शुरू की, कार्रवाई का आश्वासन।
जागरण संवाददाता, फतेहगढ़ साहिब। फतेहगढ़ साहिब जिले के गांव डडहेड़ी में सूआ का पानी ओवरफ्लो होने से एक किसान की खड़ी फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। अचानक पानी का स्तर बढ़ने के कारण खेतों में पानी भर गया और फसल बर्बाद हो गई। पीड़ित किसानों ने आरोप लगाया कि जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण यह स्थिति पैदा हुई।
उन्होंने यह भी कहा कि घटना की सूचना देने के बावजूद प्रशासन का कोई अधिकारी समय पर मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे किसानों में रोष है। पीड़ित किसान सुखदेव सिंह और भूमि मालिक बलजिंदर सिंह ने बताया कि दो दिन पहले सूआ में अचानक पानी का बहाव बढ़ गया। देखते ही देखते पानी उनके खेतों में फैल गया और खड़ी फसल जलभराव की चपेट में आ गई।
उन्होंने कहा कि फसल तैयार होने की स्थिति में थी, लेकिन कुछ ही समय में उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया। किसानों का कहना है कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों से संपर्क किया था, लेकिन कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे नुकसान का समय पर आकलन नहीं हो सका और किसानों को निराशा का सामना करना पड़ा।
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किसानों ने मुआवजे की रखी मांग
पीड़ित किसानों ने दावा किया कि सूआ में पहले जो पाइपें डाली गई थीं, उन्हें सही ढंग से नहीं लगाया गया। इसी कारण पानी की निकासी बाधित हुई और ओवरफ्लो का पानी सीधे खेतों में पहुंच गया। उनका कहना है कि यदि समय रहते निकासी की समुचित व्यवस्था की गई होती तो फसल को बचाया जा सकता था।
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किसानों ने पंजाब सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि उन्हें हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए और इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि गांव डडहेड़ी आसपास के क्षेत्रों की तुलना में करीब तीन फुट नीचा है। यदि भविष्य में सूआ का पानी इसी तरह ओवरफ्लो होता रहा तो खेतों के बाद पानी गांव में भी घुस सकता है, जिससे घरों और अन्य संपत्तियों को भी भारी नुकसान पहुंच सकता है।
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विभाग ने जांच की शुरू
इस बीच नहरी विभाग के पटवारी विशाल कंबोज ने बताया कि किसानों की ओर से विभाग को लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत के आधार पर मौके का निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की गहन जांच की जाएगी और जो भी तकनीकी खामियां सामने आएंगी, उन्हें दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही किसानों की समस्या का समाधान करने के लिए विभाग नियमानुसार आगे की कार्रवाई करेगा।
फिलहाल किसान प्रशासन से जल्द राहत, उचित मुआवजा और जल निकासी व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और किसानों की मेहनत सुरक्षित रह सके।
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