फतेहगढ़ में पूजा महंत की चुनावी हुंकार ने खींचा सबका ध्यान, किन्नर समाज की पहचान के साथ विकास को बनाया मुद्दा
बस्सी पठाना निकाय चुनाव में किन्नर प्रत्याशी पूजा महंत पहचान, सम्मान और विकास के मुद्दों के साथ चुनाव मैदान में हैं। वह शिक्षा, रोजगार और समाज में बरा ...और पढ़ें

पूजा महंत अपने समर्थकों के साथ प्रचार करते हुए।
HighLights
पूजा महंत बस्सी पठाना से निकाय चुनाव लड़ रही हैं।
किन्नर समाज से होने के बावजूद 'महिला' के रूप में दर्ज।
पहचान, सम्मान और विकास के मुद्दों पर केंद्रित चुनाव।
नवनीत छिब्बर, बस्सी पठाना (फतेहगढ़ साहिब)। निकाय चुनावों के बीच फतेहगढ़ साहिब में बस्सी पठाना के वार्ड संख्या 13 से चुनाव लड़ रहीं शिरोमणि अकाली दल प्रत्याशी पूजा महंत इन दिनों इलाके में चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। पूजा महंत किन्नर समाज से संबंध रखती हैं, लेकिन सरकारी दस्तावेजों और मतदाता सूची में उनकी पहचान “महिला” के रूप में दर्ज है।
यही वजह है कि उनका चुनाव केवल राजनीतिक मुकाबला नहीं बल्कि पहचान, सम्मान और बराबरी की लड़ाई भी बन गया है। 53 वर्षीय पूजा महंत वर्ष 2017 में कांग्रेस से जुड़ी थीं। अब वह पहली बार शिरोमणि अकाली दल के टिकट पर निकाय चुनाव लड़ रही हैं। पूजा कहती हैं कि किन्नर होने के कारण उनकी अपनी कोई संतान नहीं है और माता-पिता भी अब इस दुनिया में नहीं हैं।
ऐसे में मोहल्ला और शहर ही उनका परिवार है। वह बताती हैं कि महंत होने के नाते वह हमेशा इलाके की खुशहाली और तरक्की की अरदास करती हैं और यदि जनता उन्हें मौका देती है तो पूरी ईमानदारी से सेवा करेंगी।
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पूजा महंत अपने समर्थकों के साथ प्रचार करते हुए।