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    बटाला में आशा और मिड डे मील वर्करों ने घेरा शैरी कलसी का ऑफिस; वेतन दोगुना करने की मांग तेज

    Updated: Sun, 01 Mar 2026 05:36 PM (GMT+05:30)

    बटाला में आशा और मिड डे मील वर्करों ने वेतन दोगुना करने और सुविधाएं देने की मांग को लेकर धरना दिया। चुनावी वादे याद दिलाते हुए सरकार को चेतावनी दी कि ...और पढ़ें

    विधायक शैरी कलसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए आशा वर्कर।

    विधायक शैरी कलसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए आशा वर्कर।

    HighLights

    1. बटाला में आशा, मिड डे मील वर्करों ने AAP कार्यालय घेरा।

    2. सरकार से चुनाव पूर्व वादे पूरे करने, वेतन बढ़ाने की मांग।

    3. विधायक शैरी कलसी के पीए को सौंपा विरोध ज्ञापन।

    जागरण संवाददाता, बटाला। डेमोक्रेटिक आशा वर्कर्ज और फेसिलिटेटर्ज यूनियन गुरदासपुर के आह्वान पर आशा वर्करों और मिड डे मील वर्करों ने आम आदमी पार्टी के कार्यालय के बाहर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान वर्करों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चुनावों से पहले किए गए वादों को याद दिलाया।

    विधायक बटाला शैरी कलसी की अनुपस्थिति में प्रदर्शनकारियों ने उनका ज्ञापन उनके पीए को सौंपा। शहीदी पार्क बाइपास बटाला में आयोजित धरने की अध्यक्षता बलविंदर कौर, रजनी, गुरविंदर कौर, गुरप्रीत कौर, बलविंद कौर और कांता रानी भुल्लर ने की। धरने को संबोधित करते हुए अमरजीत शास्त्री, मेजर सिंह और वर्गिस सलामत ने कहा कि सत्ता में आने से पहले आम आदमी पार्टी ने आशा और मिड डे मील वर्करों का वेतन दोगुना करने और सुविधाएं देने का वादा किया था।

    उस समय वर्करों को मात्र 2500 से 3000 रुपये मासिक मानदेय मिलता था। नेताओं ने आरोप लगाया कि चार साल बीत जाने के बाद भी वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई।

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    अतिरिक्त कार्य से परेशान वर्कर

    प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वर्करों से निर्धारित ड्यूटी के अलावा अतिरिक्त कार्य भी लिया जा रहा है, लेकिन उसका कोई भुगतान नहीं किया जाता। मिड डे मील वर्करों को 100 रुपये दिहाड़ी पर स्कूल खोलने और बंद करने की जिम्मेदारी दी जाती है। इसके अलावा उनसे निजी कार्य भी कराए जाते हैं। कई स्थानों पर कुक वर्करों से स्कूलों के शौचालय साफ करवाने के आरोप भी लगाए गए।

    आशा वर्करों ने कहा कि उनसे टीकाकरण, सेहत बीमा कार्ड बनवाने, नशा करने वालों की पहचान करने और कई गांवों में बीएलओ की ड्यूटी भी करवाई जा रही है। अस्पतालों में उन्हें उचित सुविधा नहीं मिलती और रात में ठहरने के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं है।

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    महिलओं के उत्पीड़न का लगा आरोप

    स्त्री मुलाजिम तालमेल फ्रंट गुरदासपुर ने बीपीईओ कादियां पर महिलाओं के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आगामी बजट सत्र में अपनी मांगों को मनवाने के लिए पूरे पंजाब में रैलियां की जाएंगी। इस मौके पर शरणजीत कौर, निशा रानी, मनजीत कौर और मोनिका सहित अन्य वर्कर उपस्थित थीं।

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