तरनतारन में बंद चीनी मिल पर विवाद; रिहा हुए किसानों का प्रदर्शन, पुडा-पनग्रेन को जमीन देने के फैसले का विरोध
तरनतारन के शेरों गांव की बंद चीनी मिल को लेकर गिरफ्तार 17 किसान नेताओं को रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद किसानों ने मिल की जमीन बचाने और आंदोलन तेज कर ...और पढ़ें

चीनी मिल को लेकर प्रदर्शन करते हुए किसान।
HighLights
बंद चीनी मिल की जमीन बचाने को किसानों का संघर्ष जारी।
गिरफ्तार 17 किसान रिहा, आंदोलन तेज करने की घोषणा की।
पुडा-पनग्रेन को जमीन आवंटन का किसान कर रहे विरोध।
जागरण संवाददाता, तरनतारन। पंजाब के तरनतारन में गांव शेरों स्थित बंद पड़ी चीनी मिल को दोबारा चालू करवाने और मिल की जमीन बचाने को लेकर किसान संगठनों का संघर्ष लगातार जारी है। इसी क्रम में धरना दे रहे 17 किसानों को वीरवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
तीसरे दिन प्रशासन ने सभी किसानों को केंद्रीय जेल गोइंदवाल साहिब से रिहा कर दिया। रिहा होते ही किसान नेताओं ने आंदोलन को और तेज करने का ऐलान कर दिया। रिहाई के मौके पर किसान नेता गुरप्रीत सिंह गंडीविंड, सुलखन सिंह तुड़ और डा. अमरजीत सिंह ने कहा कि गांव शेरों की चीनी मिल को घाटे का हवाला देकर बंद किया गया था।
इसके बाद मिल की मशीनरी भी उखाड़ ली गई। उन्होंने आरोप लगाया कि मिल की जमीन में किसानों की करीब 60 प्रतिशत हिस्सेदारी है, लेकिन सरकार इस हिस्सेदारी को नजरअंदाज कर जमीन अलग-अलग विभागों को अलाट कर रही है।
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