खाने-पीने की बिगड़ती आदतों से बढ़ रहे दिल के मरीज, एक साल में 10,675 की ईसीजी
गुरदासपुर जिले में बिगड़ती खान-पान की आदतों और अस्वस्थ जीवनशैली के कारण हृदय रोगियों की संख्या में खतरनाक वृद्धि हुई है। पिछले एक साल में सिविल अस्पता ...और पढ़ें

गुरदासपुर का सिविल अस्पताल।
HighLights
गुरदासपुर में हृदय रोगियों की संख्या में खतरनाक वृद्धि दर्ज।
एक साल में 10,675 दिल के मरीजों की ईसीजी हुई।
बिगड़ती जीवनशैली, फास्ट फूड मुख्य कारण, जागरूकता जरूरी।
जागरण संवाददाता, गुरदासपुर। जिले में खाने-पीने की बिगड़ती आदतों और अस्वस्थ जीवनशैली के चलते हृदय रोगियों की संख्या में खतरनाक वृद्धि दर्ज की जा रही है। सिविल अस्पताल के आंकड़ों से पता चला है कि पिछले एक साल में अस्पताल में 10,675 दिल के मरीजों की ईसीजी की गई, जो पिछले वर्षों के मुकाबले अधिक है।
यह आंकड़ा लगातार साल-दर-साल बढ़ता जा रहा है, जो एक गंभीर स्वास्थ्य चिंता का विषय बन गया है। डाक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस वृद्धि के पीछे मुख्य कारण बिगड़ती जीवनशैली और खान-पान की गलत आदतें हैं। जिले में फास्ट फूड, प्रोसेस्ड फूड और तले-भुने खाद्य पदार्थों की खपत बढ़ी है, जबकि पारंपरिक संतुलित आहार का सेवन घट रहा है। इसके अलावा शारीरिक गतिविधियों में कमी, तनाव का बढ़ता स्तर आदि भी हृदय रोगों के प्रमुख कारक हैं।
डाक्टर एचएस भाटिया के अनुसार नए हृदय रोगियों में से कई युवा उम्र में ही हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्राल और डायबिटीज से पीड़ित हैं। समस्या यह है कि लोग स्वस्थ आहार और नियमित व्यायाम को प्राथमिकता नहीं दे रहे। जिले में मोटापा भी तेजी से बढ़ रहा है, जो हृदय रोगों का एक प्रमुख कारण है। लोगों को समझना होगा कि दिल की बीमारी सिर्फ बुजुर्गों की समस्या नहीं रही।
हृदय रोगियों की बढ़ती संख्या ने न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ाया है, बल्कि सामाजिक-आर्थिक प्रभाव भी पड़ा है। कई परिवारों में अचानक हार्ट अटैक के कारण मुख्य कमाने वाले की मौत या विकलांगता से आर्थिक संकट पैदा हो रहा है।
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समय रहते बचाव की जरूरत
डाक्टरों का सुझाव है कि हृदय रोगों से बचाव के लिए नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, तनाव प्रबंधन और नियमित स्वास्थ्य जांच आवश्यक है। विशेष रूप से ताजे फल, सब्जियों, साबुत अनाज और कम वसा वाले आहार को दैनिक खुराक में शामिल करना चाहिए। इसके साथ ही पर्याप्त नींद और नमक-चीनी का सीमित सेवन हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि केवल सरकारी प्रयासों से यह समस्या हल नहीं होगी। लोगों को अपनी जीवनशैली में सुधार के लिए प्रयास करने होंगे। समुदाय स्तर पर जागरूकता फैलाने, पारंपरिक स्वस्थ आहार को बढ़ावा देने और शारीरिक गतिविधियों को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने की आवश्यकता है।
जिले में हृदय रोगों के बढ़ते मामले एक गंभीर स्वास्थ्य चेतावनी हैं, जिन पर समय रहते ध्यान देने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अभी नहीं चेते, तो आने वाले वर्षों में यह संख्या और भी भयावह रूप ले सकती है।
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जानें सिविल अस्पताल में 2025 में किस माह कितनी ईसीजी हुईं-
जनवरी-963
फरवरी-833
मार्च-942
अप्रैल-724
मई-751
जून-922
जुलाई-1138
अगस्त-831
सितंबर-810
अक्टूबर-811
नवंबर-993
दिसंबर-957
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