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    6 जिलों में कल बारिश का यलो अलर्ट, पौंग बांध में 43 दिन में 19 फीट बढ़ा जलस्तर; कमजोर मानसून से बढ़ी चिंता

    Updated: Sun, 02 Aug 2026 06:48 PM (IST)

    मौसम विभाग ने पंजाब के 6 जिलों में 3 अगस्त के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। कमजोर मानसून के कारण पौंग बांध का जलस्तर 43 दिनों में केवल 19 फीट ...और पढ़ें

    पोंग डैम लेक।

    पोंग डैम लेक।

    HighLights

    1. पंजाब के 6 जिलों में 3 अगस्त को येलो अलर्ट।

    2. पौंग बांध का जलस्तर 43 दिनों में 19 फीट बढ़ा।

    3. कमजोर मानसून से पौंग बांध के जलस्तर पर असर।

    सरोज बाला, दातारपुर। पंजाब में सोमवार को मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। मौसम विभाग ने तीन अगस्त के लिए पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर और मोहाली जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर तेज बारिश, बिजली चमकने और तेज हवाएं चल सकती हैं।

    वहीं अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, संगरूर, बरनाला, बठिंडा, मानसा, मुक्तसर, फाजिल्का, फिरोजपुर, मोगा और फरीदकोट समेत शेष जिलों के लिए फिलहाल कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।

    उधर, कमजोर मानसून का असर पौंग बांध के जलस्तर पर भी साफ दिखाई दे रहा है। ब्यास नदी पर बने एशिया के सबसे बड़े मिट्टी के बांध पौंग बांध स्थित महाराणा प्रताप सागर झील में 20 जून से शुरू हुए जलभराव सत्र के 43 दिन बाद जलस्तर में केवल 19.08 फीट की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

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    जलभराव की रफ्तार रही धीमी

    रविवार सुबह छह बजे जारी आंकड़ों के अनुसार झील का जलस्तर 1341.64 फीट दर्ज किया गया। इस समय बांध में 41,154 क्यूसेक पानी की आवक हो रही थी, जबकि बिजलीघर की टरबाइनों के माध्यम से 11,718 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था।

    इसके मुकाबले 20 जून को जलभराव सत्र शुरू होने के समय झील का जलस्तर 1322.56 फीट था। उस समय बांध में केवल 2,993 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई थी और 11,008 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। इस प्रकार 43 दिनों में जलस्तर करीब 19 फीट बढ़ा है।

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    390 मेगावाट बिजली का हो रहा उत्पादन

    बांध से छोड़ा गया पानी शाह नहर बैराज पहुंच रहा है। यहां से लगभग 11,500 क्यूसेक पानी मुकेरियां जल विद्युत नहर में भेजा जा रहा है, जबकि शेष पानी ब्यास नदी में छोड़ा जा रहा है। पौंग बांध के छह विद्युत उत्पादन संयंत्रों से कुल 396 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है।

    विशेषज्ञों के अनुसार पौंग बांध पूरी तरह वर्षा आधारित बांध है। इसमें हिमनदों का पानी नहीं आता, इसलिए इसका जलस्तर सीधे मानसूनी बारिश पर निर्भर करता है। हालांकि इस बार मानसून की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही है, फिर भी मौसम में सुधार होने पर जलभराव सत्र समाप्त होने तक झील का जलस्तर 1390 से 1395 फीट तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।

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