बीएसएफ चौक धमाके के पीछे बड़ा नेटवर्क! दिल्ली से पकड़े संदिग्ध ने उगले कई अहम राज; सिम से ऑपरेट हुई IED
जालंधर में बीएसएफ मुख्यालय के बाहर हुए धमाके के मामले में दिल्ली से गिरफ्तार संदिग्ध से पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं। जांच एजेंसियां अब दूसरे आरोप ...और पढ़ें

धमाके के बाद जांच के लिए पहुंचे पंजाब डीजीपी गौरव यादव। (फाइल फोटो)
HighLights
दिल्ली से गिरफ्तार आरोपी अनिल शर्मा से अहम सुराग मिले।
बीएसएफ चौक धमाके में सिम कार्ड से ऑपरेट हुई IED।
पुलिस ने दूसरा आरोपी भी गिरफ्तार किया, बड़े नेटवर्क की जांच।
जागरण संवाददाता, जालंधर। जालंधर में बीएसएफ मुख्यालय के बाहर हुए ब्लास्ट मामले में दिल्ली से गिरफ्तार उत्तर प्रदेश निवासी अनिल शर्मा से पूछताछ पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस ने दूसरा आरोपित भी गिरफ्तार किया है। जल्द ही डीजीपी इस मामले में पत्रकार वार्ता कर सकते हैं।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपित को अमृतसर बार्डर से विस्फोटक सामग्री दी गई थी और उसे निर्देश मिला था कि वह इसे जालंधर के बीएसएफ चौक के पास रखे। हालांकि इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि तो नहीं है लेकिन बताया जा रहा है कि आईईडी को एक बाक्स में तैयार कर उसमें सिम कार्ड भी लगाया गया था।
जैसे ही उस सिम पर काल की गई, विस्फोट हो गया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपित दिल्ली फरार हो गया था, जहां से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
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साजिश के पीछे दो लोगों का माइंड
यह भी बताया जा रहा है कि बम रखने वाले को पता नहीं था कि उसे सिम से ब्लास्ट किया जाना है लेकिन जांच एजेंसी मान रही है कि आरोपी को पूरी जानकारी थी। जांच में यह भी सामने आया है कि इस साजिश में एक नहीं बल्कि दो लोग शामिल थे। पुलिस के हाथ लगी सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध विस्फोटक रखने वाले व्यक्ति को मोटरसाइकिल पर मौके से भगाते हुए दिखाई दिया है।
बीएसएफ चौक के पास ही एक शराब ठेके के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरा में आरोपित कैद हुए थे। इसी आधार पर पुलिस ने तकनीकी जांच और फुटेज की मदद से दिल्ली में दबिश देकर एक आरोपित को काबू किया। हालांकि विस्फोटक रखने वाला मुख्य आरोपित अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
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नेटवर्क का पता करने में जुटी पुलिस
जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपित वारदात के बाद सीधे दिल्ली नहीं गया था, बल्कि वह कई स्थानों पर छिपता रहा और इस दौरान कई लोगों से संपर्क में भी रहा। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपित अकेले काम कर रहा था या उसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।
जांच के दौरान पुलिस यह भी खंगाल रही है कि बम कहां तैयार किया गया, इसमें किन लोगों ने मदद की और आरोपितों को आर्थिक या लॉजिस्टिक सपोर्ट किसने दिया। इसके अलावा संदिग्धों के मोबाइल रिकार्ड, काल डिटेल और सोशल मीडिया संपर्कों की भी जांच की जा रही है।
जालंधर में सुरक्षा प्रबंध सख्त
सुरक्षा एजेंसियों ने बीएसएफ मुख्यालय और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा भी बढ़ा दी है। घटना के बाद शहर में हाई अलर्ट जारी किया गया था और कई इलाकों में तलाशी अभियान भी चलाया गया। दिल्ली से पकड़े गए संदिग्ध से लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि उससे पूछताछ में पूरे नेटवर्क और इस साजिश के मास्टरमाइंड तक पहुंचने में मदद मिलेगी। वहीं सुरक्षा एजेंसियां इस एंगल पर भी काम कर रही हैं कि कहीं इस वारदात के तार किसी आतंकी संगठन या सीमा पार बैठे नेटवर्क से तो नहीं जुड़े हुए। फिलहाल पुलिस आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी साझा करने से बच रही है।