पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह के SGPC पर गंभीर आरोप; जमीन बिक्री और लंगर मामले में भ्रष्टाचार का दावा
श्री हरिमंदिर साहिब के पूर्व हेड ग्रंथी ज्ञानी रघबीर सिंह ने एसजीपीसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने जालंधर में प्रेस वार्ता कर एसजीपीसी की जमीनों क ...और पढ़ें

पूर्व जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब व हेड ग्रंथी श्री हरिमंदिर साहिब ज्ञानी रघबीर सिंह।
HighLights
एसजीपीसी की जमीनों की मनमानी बिक्री पर भ्रष्टाचार का आरोप।
लंगर की सूखी रोटियां बेचने और स्वरूपों के गुम होने में गड़बड़ी।
धार्मिक संस्थाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग।
जागरण संवाददाता, जालंधर। श्री हरिमंदिर साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी रघबीर सिंह ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बुधवार को पंजाब प्रेस क्लब, जालंधर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि एसजीपीसी की जमीनों को मनमर्जी से बेचा जा रहा है और इसमें भ्रष्टाचार की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
ज्ञानी रघुबीर सिंह ने कहा कि गुरु घर की संपत्ति की रक्षा करना एसजीपीसी की जिम्मेदारी है, लेकिन मौजूदा हालात चिंताजनक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीनों के सौदों में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही और फैसले बिना व्यापक चर्चा के किए जा रहे हैं। उन्होंने 2 दिसंबर 2024 को श्री अकाल तख्त साहिब से जारी हुक्मनामे का जिक्र करते हुए कहा कि उसकी पालना न करने वाले सुखबीर बादल के दबाव में ही जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह को पद से हटाया गया। उन्होंने कहा कि यह फैसला धार्मिक परंपराओं और मर्यादाओं के अनुरूप नहीं था।
यह भी पढ़ें- पठानकोट के बमियाल बॉर्डर पर संदिग्ध पाकिसतानी ड्रोन मूवमेंट; सीमा पर बढ़ाई गई सुरक्षा, चला तलाशी अभियान
लंगर की सूखी रोटियां बेचने में गड़बड़ी
हेड ग्रंथी ने यह भी आरोप लगाया कि एसजीपीसी में लंगर की सुखी रोटियां बेचने के मामले में भी गड़बड़ी सामने आई है। उन्होंने कहा कि गुरु घर की सेवा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की अनियमितता अस्वीकार्य है।
इसके अलावा उन्होंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 पावन स्वरूपों के गुम होने के मामले को भी उठाया। उनका कहना था कि यह मामला अत्यंत गंभीर है और इसमें लापरवाही प्रमुख कारण रही है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो।
खबरें और भी
यह भी पढ़ें- तरनतारन रैली में अकाली दल के बड़े वादे; सुखबीर ने पेंशन 3100 और शगुन स्कीम एक लाख करने की बात कही
धार्मिक संस्थाओं की पारदर्शिता जरूरी
पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष पर हमला करना नहीं, बल्कि धार्मिक संस्थाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। उन्होंने संगत से अपील की कि गुरु घर की मर्यादा और संपत्ति की रक्षा के लिए जागरूक रहें। इस बयान के बाद धार्मिक और सियासी हलकों में चर्चा तेज हो गई है। अब एसजीपीसी की ओर से प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।