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    पंजाब टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट में 1.72 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए; दूसरे जिलों में केंद्र होने से बढ़ी परेशानी

    Updated: Sun, 15 Mar 2026 05:38 PM (IST)

    पंजाब टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट के दौरान 1.72 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। कई केंद्र दूसरे जिलों में होने से अभ्यर्थियों को परेशानी हुई, जबकि व ...और पढ़ें

    परीक्षा देने के लिए पहुंचे विद्यार्थी।

    परीक्षा देने के लिए पहुंचे विद्यार्थी।

    HighLights

    1. पंजाब टीईटी परीक्षा में 1.72 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल।

    2. दूसरे जिलों में केंद्र मिलने से अभ्यर्थियों को हुई परेशानी।

    3. बारिश में भी अभिभावकों ने केंद्रों के बाहर किया इंतजार।

    जागरण संवाददाता, जालंधर। पंजाब में रविवार को राज्य भर में टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट आयोजित की गई। परीक्षा के लिए बनाए गए केंद्रों पर सुबह से ही अभ्यर्थियों की भीड़ दिखाई देने लगी थी। बड़ी संख्या में परीक्षार्थी परीक्षा समय से काफी पहले ही केंद्रों के बाहर पहुंच गए थे।

    इस बार परीक्षा में राज्य भर से कुल 1,72,206 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। उनके लिए पूरे प्रदेश में 480 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन द्वारा विशेष प्रबंध किए गए थे।

    जालंधर जिले की बात करें तो यहां परीक्षा के दूसरे चरण के लिए 25 केंद्र बनाए गए थे, जिनमें 9,112 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। वहीं पहले चरण के लिए 14 केंद्र बनाए गए थे, जहां 4,752 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया।

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    दूसरे जिलों में बने परीक्षा केंद्र

    परीक्षा के दौरान एक नई व्यवस्था भी देखने को मिली। इस बार कई अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र उनके अपने जिले में न होकर दूसरे जिलों में बनाए गए थे। इस कारण कई अभ्यर्थियों को सुबह बहुत जल्दी घर से निकलना पड़ा और लंबी दूरी तय करके परीक्षा केंद्र तक पहुंचना पड़ा।

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    परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों को निर्धारित समय से एक घंटा पहले ही केंद्रों में प्रवेश करना था। इसी कारण सुबह आठ बजे के आसपास ही कई केंद्रों के बाहर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की भीड़ देखी जा सकती थी।

    कुछ अभ्यर्थियों ने बताया कि दूसरे जिले में केंद्र होने के कारण उन्हें अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ा। शिक्षिका पूनम ने बताया कि उनका परीक्षा केंद्र बंगा में बना था, जिसके कारण उन्हें सुबह काफी जल्दी घर से निकलना पड़ा। उन्होंने कहा कि पहले हर वर्ष परीक्षा केंद्र अपने जिले में ही बनाए जाते थे, जिससे सुविधा रहती थी।

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    बारिश में भीगते रहे अभिभावक

    रविवार को हल्की हवा के साथ बूंदाबांदी भी होती रही। इस दौरान अभ्यर्थी तो परीक्षा केंद्रों के अंदर परीक्षा दे रहे थे, लेकिन उनके साथ आए अभिभावकों को केंद्रों के बाहर ही इंतजार करना पड़ा। कई अभिभावक सड़कों और गलियों में खड़े रहे और हल्की वर्षा में भीगते हुए अपने बच्चों के बाहर आने का इंतजार करते रहे।

    इसके बावजूद परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त कर्मचारी तैनात किए गए थे। परीक्षा समाप्त होने के बाद अभ्यर्थी केंद्रों से बाहर निकलते दिखाई दिए और कई ने परीक्षा को सामान्य स्तर का बताया।

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