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    कपूरथला में TB का इलाज करवाने जेल अस्पताल पहुंचा कैदी, वार्ड में भी नहीं छोड़ा नशा; ड्रग्स के साथ पकड़ा

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 03:17 PM (IST)

    कपूरथला केंद्रीय जेल के टीबी वार्ड में इलाज करा रहे कैदी से 12 ग्राम नशीला पदार्थ बरामद हुआ। पुलिस ने मामला दर्ज कर जेल के भीतर नेटवर्क की जांच शुरू क ...और पढ़ें

    ये AI जनरेटेड इमेज है।

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    HighLights

    1. कपूरथला जेल के टीबी वार्ड से नशीला पदार्थ बरामद।

    2. कैदी राहुल के पास से 12 ग्राम नशीला पदार्थ मिला।

    3. जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए।

    जागरण संवाददाता, कपूरथला। केंद्रीय जेल कपूरथला में कड़ी सुरक्षा और जैमर की व्यवस्था के बीच एक बार फिर नशीला पदार्थ मिलने से जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बार नशे की बरामदगी जेल के अंदर बने अस्पताल के टीबी वार्ड से हुई है। यहां टीबी का इलाज करवा रहे एक कैदी के पास से तलाशी के दौरान 12 ग्राम नशीला पदार्थ बरामद किया गया।

    जेल प्रशासन की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जेल प्रशासन को गुप्त सूचना मिली थी कि अस्पताल परिसर में नशीला पदार्थ मौजूद है। इसके बाद जेल परिसर के अस्पताल में विशेष तलाशी अभियान चलाया गया। पत्र संख्या 1628-सीटीआर के अनुसार, तलाशी के दौरान टीबी वार्ड में इलाज करा रहे कैदी के पास से 12 ग्राम नशीला पदार्थ बरामद हुआ।

    पुलिस के अनुसार, पकड़े गए कैदी की पहचान राहुल पुत्र पूर्ण सिंह के रूप में हुई है। वह मूल रूप से जालंधर जिले के रामा मंडी थाना क्षेत्र स्थित एकता नगर फेस-दो का रहने वाला है। टीबी के इलाज के लिए उसे जेल के अस्पताल के वार्ड में रखा गया था। इसी दौरान उसके पास नशीला पदार्थ मिलने से जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

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    टीबी के इलाज के बीच नशे का सामान कैसे पहुंचा?

    सबसे बड़ा सवाल यह है कि जेल की कड़ी सुरक्षा के बावजूद नशीला पदार्थ अस्पताल के टीबी वार्ड तक कैसे पहुंचा। जेल में प्रवेश करने वाले सामान और लोगों की निगरानी के साथ मोबाइल नेटवर्क को रोकने के लिए जैमर लगाए जाने का दावा किया जाता है। इसके बावजूद एक कैदी तक नशीला पदार्थ पहुंचने से जेल प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

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    पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नशीला पदार्थ कैदी तक किस माध्यम से पहुंचा। जांच में जेल के भीतर से किसी व्यक्ति की मदद मिलने की संभावना से लेकर मुलाकात के दौरान किसी बाहरी व्यक्ति के जरिए नशा पहुंचाए जाने के पहलू को भी शामिल किया गया है।

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    जेल के अंदर का कनेक्शन तो नहीं?

    बरामदगी के बाद जेल प्रशासन ने तुरंत थाना कोतवाली पुलिस को लिखित शिकायत दी। पुलिस ने मादक पदार्थ निषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। बरामद पदार्थ को कब्जे में लेकर जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि बरामद पदार्थ किस प्रकार का नशीला पदार्थ है।

    पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कैदी तक यह नशीला पदार्थ पहुंचाने में जेल के भीतर किसी व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। इसके अलावा कैदी की मुलाकातों, उससे मिलने वाले लोगों और जेल में उसके संपर्कों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

    पहले से नशे के नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस

    जांच अधिकारी मुख्य हेड कांस्टेबल अमृतपाल सिंह के अनुसार मामले की हर कड़ी को खंगाला जा रहा है। पुलिस बरामदगी के स्रोत से लेकर इसे जेल के अंदर पहुंचाने वाले व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। कैदी से पूछताछ के आधार पर पुलिस उसके संपर्कों और नशीले पदार्थ की आपूर्ति करने वाले लोगों की पहचान करने में जुटी है।

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