बेटे का किया अंतिम संस्कार, 15 दिन बाद कपूरथला जेल से आया फोन, बोले- आपका रवि जिंदा है
कपूरथला में परिवार ने अज्ञात शव को रवि समझकर अंतिम संस्कार और भोग कर दिया। 15 दिन बाद जेल से ...और पढ़ें

रवि से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी देते हुए परिवार।
HighLights
परिवार ने मृत समझकर बेटे का किया अंतिम संस्कार।
15 दिन बाद कपूरथला जेल से मिली बेटे के जिंदा होने की खबर।
अब सवाल, जिस शव का संस्कार हुआ, वह किसका था?
जागरण संवाददाता, कपूरथला। कभी-कभी जिंदगी में ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, जिन पर यकीन करना मुश्किल हो जाता है। कपूरथला में एक परिवार ने जिस बेटे को मृत समझकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया, 15 दिन बाद पता चला कि वह जिंदा है और जेल में बंद है। जिस शव का परिवार ने अंतिम संस्कार किया था, वह किसी और युवक का था। बेटे के जिंदा होने की खबर मिलते ही परिवार में मातम की जगह खुशी छा गई।
कपूरथला के कादूपुर निवासी रवि कुमार पांच अगस्त को घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। उसके भाई अमनदीप ने बताया कि रवि नशे का आदी है और अक्सर एक-दो दिन के लिए घर से बाहर चला जाता था। इसलिए शुरुआत में परिवार ने ज्यादा चिंता नहीं की। जब कई दिन तक वह वापस नहीं आया तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की।
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जेल में बंद रवी की पुरानी तस्वीर।
11 अगस्त को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई
11 अगस्त को परिवार गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाने थाना सिटी कपूरथला पहुंचा। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें बताया कि कांजली रोड पर प्रशिक्षण केंद्र के पास एक अज्ञात युवक का शव मिला है। शव काफी गल चुका था और पहचान करना मुश्किल था। परिवार ने बताया कि रवि घर से टी-शर्ट पहनकर निकला था और शव पर भी उसी तरह की टी-शर्ट थी। इसी आधार पर परिवार ने शव की पहचान रवि के रूप में कर ली।
इसके बाद पुलिस ने शव परिवार को सौंप दिया। परिवार ने 13 अगस्त को पूरे रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार कर दिया और 15 अगस्त को भोग भी डाल दिया। बेटे की मौत के गम में परिवार पूरी तरह टूट चुका था।
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दो सितंबर को बदल गई पूरी कहानी
करीब 15 दिन बाद दो सितंबर को केंद्रीय जेल कपूरथला से परिवार के पास फोन आया। दूसरी तरफ से बताया गया कि रवि कुमार जिंदा है और जेल में बंद है। पहले तो परिवार को इस बात पर विश्वास ही नहीं हुआ। उन्हें लगा कि कोई मजाक कर रहा है।
परिवार जब जेल पहुंचा और रवि से मुलाकात की तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। अमनदीप ने बताया कि जालंधर के थाना सिटी की पुलिस ने रवि को आवारागर्दी के मामले में पकड़ा था और उसे केंद्रीय जेल कपूरथला भेज दिया था। तब से वह जेल में ही बंद है।
सवाल... शव किसका था
परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि अज्ञात शव की पहचान में जल्दबाजी हुई। अब थाना सिटी कपूरथला पुलिस को भी रवि के सकुशल जिंदा होने की जानकारी दे दी गई है। घटना के बाद इलाके में भी यही चर्चा है कि जिस बेटे को खोने का दुख परिवार झेल चुका था, उसके जिंदा मिलने से अब घर में खुशी लौट आई है। लेकिन सवाल उठता है कि जिसका संस्कार किया गया, वे शव किसका था।
