लुधियाना में किसानों ने जाम किया राष्ट्रीय राजमार्ग, मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन करेंगे तेज; यातायात प्रभावित
लुधियाना में किसान संगठनों ने सड़क किनारे कब्जे हटाने और सीवरेज व्यवस्था सुधारने की मांग को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया। मौके पर भारी पुलिस बल ...और पढ़ें
HighLights
लुधियाना में किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग जाम किया।
अतिक्रमण हटाने और सीवरेज सुधार की मांग।
मांगें न मानने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी।
जागरण संवाददाता, लुधियाना। विभिन्न मांगों को लेकर किसानों ने बुधवार को लुधियाना में राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़ा प्रदर्शन किया। भारतीय किसान मजदूर यूनियन और भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के आह्वान पर दोपहर करीब साढ़े बारह बजे बस्ती जोधावाल चौक पुल के ऊपर राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया गया। प्रदर्शन के कारण मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।
किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। किसान नेताओं का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के समक्ष आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अब तक किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। कई बार अधिकारियों को ज्ञापन देने और बैठकों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से किसानों में नाराजगी बढ़ गई। इसी के विरोध में राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने का फैसला लिया गया।
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सड़क पर बैठे हुए किसान।
सड़क किनारे कब्जे हटाने की उठाई मांग
प्रदर्शन कर रहे किसान नेताओं ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में राहों रोड पर बस्ती चौक से मत्तेवाड़ा तक सड़क किनारे लगी रेहड़ियों-फड़ियों और कथित अवैध कब्जों को हटाना शामिल है। उनका कहना है कि इन कब्जों के कारण सड़क काफी संकरी हो गई है, जिससे रोजाना यातायात बाधित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
किसानों का आरोप है कि कई बार संबंधित विभागों को इस संबंध में शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि यदि सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए तो लोगों को जाम और हादसों से काफी राहत मिल सकती है।
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सीवरेज व्यवस्था पर भी जताई नाराजगी
किसान संगठनों ने वर्ष 2016 में 14 पंचायतों में डाली गई सीवरेज व्यवस्था का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। नेताओं का कहना है कि सीवरेज सिस्टम आज भी पूरी तरह सुचारु नहीं है। कई गांवों में गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है, सीवरेज ओवरफ्लो की समस्या बनी रहती है और जलभराव के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार संबंधित विभाग को शिकायतें देने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। इससे लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है और स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ रहे हैं।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन होगा तेज
किसान नेताओं ने स्पष्ट कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों और ग्रामीणों से जुड़े मुद्दों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उधर, पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी और हालात पर लगातार नजर रखी। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास भी किया। फिलहाल किसान अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और प्रशासन की ओर से ठोस आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।