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    सोना-यात्रा कम करने वाली प्रधानमंत्री की अपील पर पंजाब के उद्योगपति नाराज, बोले- कारोबार व रोजगार पर असर पड़ेगा

    Updated: Tue, 12 May 2026 09:00 AM (GMT+05:30)

    वर्ल्ड एमएसएमई फोरम ने सोना खरीद कम करने और यात्राएं सीमित करने की अपील पर चिंता जताई है। फोरम का कहना है कि इससे ज्वेलरी, पर्यटन और अन्य बड़े रोजगार ...और पढ़ें

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

    HighLights

    1. पीएम मोदी की अपील पर एमएसएमई फोरम ने जताई आपत्ति।

    2. सोना-यात्रा कम करने से रोजगार और कारोबार पर पड़ेगा असर।

    3. फोरम ने चीनी उत्पादों के आयात पर नियंत्रण की मांग की।

    जागरण संवाददाता, लुधियाना। वर्ल्ड एमएसएमई फोरम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील पर कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें नागरिकों से सोने की खरीद कम करने, विदेशी यात्राओं को सीमित करने और बढ़ती वैश्विक ऊर्जा कीमतों तथा विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव के मद्देनजर वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने की बात कही गई है।

    फोरम के अध्यक्ष बदिश जिंदल ने कहा कि देश के सर्वोच्च नेतृत्व की ओर से दिए गए ऐसे बयान जेम्स एंड ज्वेलरी, पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी, एविएशन और रिटेल जैसे बड़े रोजगार सृजन करने वाले क्षेत्रों में अनावश्यक भय और असमंजस पैदा कर सकते हैं।

    उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में घरेलू खर्च को हतोत्साहित करने के बजाय सरकार को गैर-जरूरी और सस्ते चीनी उत्पादों के बढ़ते आयात पर नियंत्रण करना चाहिए, जिससे विदेशी मुद्रा का भारी बहिर्गमन हो रहा है। फोरम के अनुसार देश का जेम्स एंड ज्वेलरी उद्योग भारत की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो देश के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 7 प्रतिशत योगदान देता है और कुल निर्यात में करीब 15 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है।

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    देश की जीडीपी में योगदान

    बदिश जिंदल ने कहा कि इस उद्योग से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 50 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला हुआ है। फोरम ने कहा कि पर्यटन और यात्रा उद्योग भी भारतीय अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ है, जो प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से देश की जीडीपी में 7 से 8 प्रतिशत योगदान देता है और करोड़ों लोगों की आजीविका इससे जुड़ी हुई है।

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    ऐसे में यात्रा को हतोत्साहित करने वाले बयान उपभोक्ता विश्वास और कारोबारी गतिविधियों को प्रभावित कर सकते हैं। बदीश जिंदल ने कहा कि भारतीय नागरिक पारंपरिक रूप से सोने को सबसे सुरक्षित निवेश मानते रहे हैं। महंगाई, बाजार अस्थिरता और मुद्रा कमजोर होने की स्थिति में सोना मध्यम वर्ग और कारोबारी परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा का माध्यम बनता है।

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    रुपये के कमजोर होने से एमएसएमई क्षेत्र प्रभावित

    उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रूप से सोने की खरीद कम करने की अपील देश की आर्थिक स्थिति और विदेशी मुद्रा भंडार को लेकर नकारात्मक संकेत दे सकती है। फोरम ने यह भी कहा कि भारतीय रुपये की लगातार कमजोरी से एमएसएमई क्षेत्र की लागत और आयात बिल बढ़ रहे हैं।

    ऐसे में सरकार को घरेलू उद्योगों को निशाना बनाने के बजाय सस्ते चीनी उत्पादों के आयात पर सख्त नियंत्रण लगाना चाहिए। फोरम ने गैर-जरूरी आयात पर उच्च शुल्क और मात्रात्मक प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए घरेलू एमएसएमई और स्थानीय विनिर्माण को अधिक संरक्षण देने की अपील की।

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