मानसा में 32 लाख की जमीन खरीद फंसा खरीदार, दस्तावेज लेकर कब्जा लेने पहुंचा; वहां बना था पुलिस थाना
बरेटा में 32 लाख रुपये में जमीन खरीदने वाले व्यक्ति ने आरोप लगाया कि उसे जमीन दिखाई कहीं और गई, जबकि रजिस्ट्री पुलिस थाने की जमीन की करा दी गई।

मानसा का पुलिस थाना बरेटा।
HighLights
सतवीर सिंह ने 32 लाख में जमीन खरीदी।
रजिस्ट्री वाली जमीन पर पुलिस थाना बना मिला।
पीड़ित ने मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की।
जागरण संवाददाता, बरेटा। फिल्मों में जमीन के फर्जीवाड़े के किस्से आपने खूब देखे होंगे, लेकिन बरेटा में सामने आया मामला हैरान करने वाला है। यहां 32 लाख रुपये में जमीन खरीदने वाले व्यक्ति का आरोप है कि उसे बस स्टैंड के पास जमीन दिखाई गई, जबकि रजिस्ट्री किसी दूसरी जमीन की करा दी गई। जब वह कब्जा लेने पहुंचा तो पता चला कि दस्तावेजों में दर्ज जमीन पर बरेटा पुलिस थाने की इमारत बनी हुई है।
रजिस्ट्री के बाद इंतकाल भी दर्ज होने की बात सामने आई है। फिजियोथेरेपी का काम करने वाले सतवीर सिंह के अनुसार, उसने एक सेवानिवृत्त अध्यापक से जमीन का सौदा किया था। संबंधित व्यक्ति ने उसे बस स्टैंड के पास जमीन दिखाई। इसके एवज में उसने करीब 32 लाख रुपये दिए और जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली। रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेज भी उसके पास हैं।
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कब्जा लेने पहुंचा तो खुला राज
सतवीर सिंह ने बताया कि रजिस्ट्री के बाद जब वह जमीन पर कब्जा लेने पहुंचा और नींव खोदने का काम शुरू करवाया तो वहां मौजूद वास्तविक मालिकों ने उसे रोक दिया। इसके बाद उसने जमीन की निशानदेही, नक्शा और खसरा नंबर की जांच करवाई।
जांच में सामने आया कि रजिस्ट्री में जिस जमीन का खसरा नंबर दर्ज है, उसी जगह पर बरेटा पुलिस थाने की इमारत बनी हुई है। यह जानकारी सामने आते ही सतवीर सिंह के होश उड़ गए।
उसका आरोप है कि सौदे के समय उसे दूसरी जगह की जमीन दिखाई गई, लेकिन रजिस्ट्री किसी अन्य जमीन की करा दी गई। जब उसने संबंधित व्यक्ति से जवाब मांगा तो कथित तौर पर उसे कहा गया कि रजिस्ट्री हो चुकी है और अब उसकी कोई जिम्मेदारी नहीं है।
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जांच और कार्रवाई की मांग
सतवीर सिंह ने पुलिस प्रशासन से मामले की पूरी जांच करवाने, दोषी के खिलाफ कार्रवाई करने और उसके 32 लाख रुपये वापस दिलाने की मांग की है। उसका कहना है कि उसके पास रजिस्ट्री समेत अन्य दस्तावेज मौजूद हैं।
तथ्यों व दस्तावेजों की होगी जांच
बरेटा थाने के कार्यकारी प्रभारी रुपिंदर सिंह ने बताया कि उन्होंने हाल ही में थाने का चार्ज संभाला है। उन्हें मामले की पूरी जानकारी नहीं है। तथ्यों और दस्तावेजों की जांच के बाद ही इस संबंध में कुछ कहा जा सकता है।
