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    नवंबर में बजनी थी शहनाई, उससे पहले सीमा पर हादसे में शहीद हुआ पंजाब का जवान, गिद्दड़बाहा के गांव में मातम

    Updated: Wed, 22 Jul 2026 04:34 PM (IST)

    श्री मुक्तसर साहिब जिले के बुट्टर बखूआ गांव के 27 वर्षीय राइफलमैन सुखप्रीत सिंह की नियंत्रण रेखा पर ड्यूटी के दौरान भूस्खलन में शहादत हो गई। नवंबर में ...और पढ़ें

    ये AI जनरेटेड इमेज है।

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    HighLights

    1. राइफलमैन सुखप्रीत सिंह LoC पर भूस्खलन में शहीद हुए।

    2. जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में हुआ यह दर्दनाक हादसा।

    3. नवंबर में होनी थी शादी, परिवार में पसरा मातम।

    जागरण संवाददाता, श्री मुक्तसर साहिब। जिले के गिद्दड़बाहा क्षेत्र के गांव बुट्टर बखूआ का 27 वर्षीय वीर जवान राइफलमैन सुखप्रीत सिंह नियंत्रण रेखा पर ड्यूटी निभाते हुए एक दर्दनाक हादसे में शहीद हो गया। लगातार हो रही तेज बारिश के बीच हुए भूस्खलन में एक बड़ा पत्थर उसके ऊपर आ गिरा, जिससे वह संतुलन खोकर नीचे गिर गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जवान की शहादत की खबर गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।

    जिस घर में कुछ महीनों बाद शादी की तैयारियां शुरू होनी थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। परिजनों के अनुसार यह हादसा जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा के पास सुंदरबनी सेक्टर स्थित अग्रिम सैन्य चौकी पर मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात करीब डेढ़ बजे हुआ। उस समय क्षेत्र में लगातार तेज बारिश हो रही थी। इसी दौरान भूस्खलन होने से पहाड़ी से बड़े पत्थर नीचे आने लगे।

    शहीद जवान के ताया गुरदीश सिंह ने बताया कि सुखप्रीत सिंह अपने तीन अन्य साथियों के साथ चौकी पर ड्यूटी दे रहा था। अचानक हुए भूस्खलन के दौरान एक बड़ा पत्थर उसके सिर पर आ गिरा। चोट लगने के बाद वह फिसलकर नीचे गिर गया और गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। अन्य जवान सुरक्षित बताए जा रहे हैं।

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    12वीं की पढ़ाई के बाद सेना में हुए भर्ती

    परिजनों ने बताया कि सुखप्रीत सिंह ने बारहवीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद सेना में भर्ती होने का लक्ष्य बनाया था। कड़ी मेहनत के बाद वर्ष 2019 में उसका चयन हुआ और वह प्रशिक्षण के लिए मध्य प्रदेश के जबलपुर गया। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वह देश के विभिन्न क्षेत्रों में सेवाएं देता रहा। इसी वर्ष मार्च से उसकी तैनाती जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर थी।

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    करीब तीन महीने पहले ही वह छुट्टी लेकर अपने गांव आया था। परिवार ने उसकी शादी की तैयारियां शुरू कर दी थीं। आगामी नवंबर महीने में पास के गांव थराजवाला की युवती के साथ उसका विवाह तय था। परिवार शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था, लेकिन इस दुखद हादसे ने सारी खुशियां पलभर में मातम में बदल दीं।

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    भाई को नमन करने कनाडा से आएगी बहन

    शहीद सुखप्रीत सिंह की छोटी बहन कमलप्रीत कौर इस समय कनाडा में है। परिवार ने बताया कि उसके वापस लौटने के बाद शुक्रवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।

    गांव में शहादत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग शोक व्यक्त करने के लिए शहीद के घर पहुंचने लगे। ग्रामीणों ने कहा कि सुखप्रीत सिंह ने कम उम्र में ही देश सेवा का रास्ता चुना और अंतिम सांस तक अपने कर्तव्य का निर्वहन किया। पूरे क्षेत्र को अपने इस वीर सपूत पर गर्व है, वहीं परिवार के इस अपूरणीय नुकसान से हर आंख नम है।

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