पठानकोट में दिख रहा अमेरिका-इजरायल-ईरान तनाव का असर; रसोई गैस की किल्लत से परेशान लोग जला रहे चूल्हा
पठानकोट के सीमावर्ती क्षेत्रों में रसोई गैस की कमी से लोग परेशान हैं। कई घरों में गैस खत्म होने के कारण लोग लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर हैं ...और पढ़ें

चूल्हे पर खाना पकाते हुए महिला।
HighLights
पठानकोट में रसोई गैस की भारी किल्लत।
लोग खाना बनाने के लिए लकड़ियों का उपयोग कर रहे।
जिला प्रशासन ने जमाखोरी के खिलाफ चेतावनी दी।
जितेन्द्र शर्मा, पठानकोट। इस समय अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध का असर अब भारत के सीमावर्ती इलाकों तक पहुंचने लगा है। जिसमें पंजाब के सीमावर्ती जिले पठानकोट में भी घरेलु रसोई गैस की भारी किल्लत देखने को मिल रही है, जिससे आम लोगों की दैनिक जिंदगी प्रभावित हो रही है। इसके चलते लोग खाना बनाने के पुराने तरीको को अपनाने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, पठानकोट जिले के हल्का भोआ क्षेत्र में पिछले कई दिनों से एलपीजी गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित है। कई घरों में सिलेंडर पूरी तरह खत्म हो चुके हैं और नए सिलेंडर मिलने की कोई स्पष्ट उम्मीद भी नजर नहीं आ रही। इस स्थिति के कारण लोगों को मजबूरन पुराने तरीकों का सहारा लेना पड़ रहा है।
इस संबंधी स्थानीय लोगों शोभा, अपनदीप कौर, शंकुंतला, महिन्द्र कौर, नरेश कुमार, प्रेम कुमार, लवकेश कुमार, परमजीत सिंह पप्पू, का कहना है कि जो परिवार कल तक गैस चूल्हे पर बटन दबाकर खाना बनाते थे, आज वे जंगलों और सड़कों के किनारे से लकड़ियां इकट्ठा करके चूल्हा जलाने को मजबूर हो चुके हैं। महिलाएं सुबह-सुबह लकड़ी इकट्ठा करने निकलती हैं ताकि परिवार के लिए खाना बनाया जा सके।
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एजेंसियों के संपर्क नंबर काम नहीं कर रहे
वहीं लोगों का कहना है कि उनकी परेशानी तब से और भी बढ़ गई है जब से गैस एजेंसियों द्वारा दिए गए संपर्क नंबरों ने काम करना बंद कर दिया है। यह संपर्क नंबर काम नहीं कर रहे। कई लोगों ने बताया कि उन्होंने बार-बार एजेंसी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन नंबर बंद या पहुंच से बाहर मिले। इससे लोगों में नाराजगी और चिंता दोनों बढ़ रही हैं।
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स्थानीय निवासियों ने प्रशासन और गैस कंपनियों से जल्द से जल्द समस्या का समाधान करने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जल्द गैस आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो लोगों को और अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
फिलहाल क्षेत्र के कई लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को जल्द समझेगा और रसोई गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाएगा, ताकि लोगों की रसोई फिर से सामान्य तरीके से चल सके।
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जमाखोरी के खिलाफ जिला प्रशासन सतर्क
इस संबंधी जब जिलाधीश डाॅ. पल्लवी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि किसी भी जमाखोरी के खिलाफ जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हैं। लोगों को पूरी तरह से घरेलु रसोई गैस की आपूर्ति हो और उन्हें किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पडे, उसके लिए संबंधित विभाग सतर्कता से काम कर रहा है।
उन्होंने लोगों से आवाहन किया कि घरेलु गैस सिलंडरों की हमारे पास पर्याप्त संख्या है और इसकी सही तरीके से सप्लाई हो रही है। लोग घबराएं हैं और उनसे अपील है कि वह किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। यदि कोई जमाखोरी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।