कम पानी की मांग से रणजीत सागर डैम में बिजली उत्पादन घटा; चार में से तीन इकाइयां ठप
रणजीत सागर डैम में पानी की कम मांग के कारण बिजली उत्पादन सीमित कर दिया गया है। 600 मेगावाट क्षमता वाले इस डैम की चार में से केवल तीन इकाइयां कुछ घंटों ...और पढ़ें

रणजीत सागर डैम।
संवाद सूत्र जागरण शाहपुरकंडी। तीन राज्यों पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर की अति संवेदनशील सीमा पर स्थित 600 मेगावाट क्षमता वाले रणजीत सागर डैम में इन दिनों बिजली उत्पादन सीमित कर दिया गया है। डैम की कुल चार इकाइयों में से 24 घंटों में केवल तीन से चार घंटे ही उत्पादन हो पा रहा है।
जानकारी के अनुसार नीचे माधोपुर की ओर पानी की कम मांग होने के कारण उत्पादन घटाया गया है। मंगलवार सुबह 7 से 9 बजे के बीच चार में से तीन इकाइयों से करीब 450 मेगावाट बिजली पैदा की गई। इसके बाद उत्पादन फिर कम कर दिया गया।
इसी तरह हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा स्थित 540 मेगावाट क्षमता वाली चमीरा डैम जल विद्युत परियोजना में भी फिलहाल उत्पादन बंद है। यहां भी कारण नीचे की ओर पानी की कम डिमांड बताया जा रहा है।
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झील के पानी का आउटफ्लो शून्य
शाम 4 बजे रणजीत सागर डैम की झील का जल स्तर 516.908 मीटर दर्ज किया गया। झील से पानी का आउटफ्लो शून्य रहा, जबकि इनफ्लो केवल 1854 क्यूसेक रिकॉर्ड किया गया। अधिशासी अभियंता प्रोजेक्ट मंडल गगनदीप ने बताया कि रणजीत सागर डैम से छोड़ा गया पानी पहले शाहपुरकंडी बैराज परियोजना में संग्रहित किया जाता है। वहां से जरूरत के अनुसार पानी छोड़ा जाता है।
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पानी की मांग पटियाला के निर्देशों के अनुसार
उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब में पानी की मांग और पावर कंट्रोलर पटियाला के निर्देशों के अनुसार ही उत्पादन किया जाता है। हालांकि क्षेत्र में यह चर्चा भी है कि जल प्रबंधन और समन्वय की कमी के कारण क्षमता के अनुरूप उत्पादन नहीं हो पा रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि मांग और आपूर्ति के बेहतर तालमेल से परियोजना की पूरी क्षमता का लाभ लिया जा सकता है। फिलहाल स्थिति पर संबंधित विभाग नजर बनाए हुए है।