विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

6000 करोड़ के ड्रग्स मामले में SIT के सामने पेश नहीं हुए बिक्रम मजीठिया, पूर्व DSP भोला संग होना था आमना-सामना

Published: Mon, 05 Oct 2026 12:05 PM (IST)

6000 करोड़ रुपये के ड्रग्स मामले में पूर्व मंत्री विशेष जांच टीम के समक्ष पेश नहीं हुए। उनके स्थान पर वकील पहुंचे, जबकि बर्खास्त पुलिस अधिकारी से आमना-सामना होना था।

बिक्रम मजीठिया और जगदीश भोला।

बिक्रम मजीठिया और जगदीश भोला।

HighLights

  1. बिक्रम मजीठिया 6000 करोड़ ड्रग्स मामले में एसआईटी के सामने नहीं आए।

  2. उनके वकील ने पटियाला में जांच टीम के सामने कानूनी पक्ष रखा।

  3. पूर्व डीएसपी जगदीश भोला संग आमना-सामना फिलहाल टल गया है।

जागरण संवाददाता, पटियाला। पंजाब के सबसे चर्चित करीब 6000 करोड़ रुपये के अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी मामले में पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) द्वारा पूछताछ के लिए जारी समन के बावजूद राज्य के पूर्व मंत्री एवं शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम मजीठिया व्यक्तिगत रूप से पेश होने नहीं पहुंचे। उनके स्थान पर सोमवार सुबह उनके वकील अर्शदीप सिंह कलेर पुलिस लाइन स्थित जांच टीम के दफ्तर पहुंचे और कानूनी पक्ष रखा।

राज्य पुलिस की विशेष जांच टीम ने आज पूर्व मंत्री बिक्रम मजीठिया को तलब किया था। इस दौरान मामले में पहले से नामजद और पुलिस विभाग से बर्खास्त पूर्व डीएसपी जगदीश भोला को भी लाया गया था। दोनों मुख्य चेहरों को आमने-सामने बैठाकर कड़े सवालों की बौछार की जानी थी और उनके बयानों का मिलान किया जाना था।

हालांकि, पूर्व मंत्री के खुद न पहुंचकर अपने प्रतिनिधि को भेजने से इस आमने-सामने की पूछताछ की प्रक्रिया फिलहाल अटक गई है।

यह भी पढ़ें- चरित्र पर संदेह में दरिंदा बना पति, पत्नी को मना मायके से घर लाया और घोंट दिया गला

मजीठिया को गवाह बना बुलाया गया

अर्शदीप कलेर ने कहा कि बिक्रम मजीठिया को आज गवाह के तौर पर बुलाया गया था, न कि आरोपित के तौर पर। उन्होंने आरोप लगाया कि सिट ने इस संबंध में अदालतों के निर्देशों का पालन नहीं किया।

वकील ने कहा कि 2024 में भी इसी तरह की गलती की गई थी, जिसके बाद हाईकोर्ट में माफी मांगनी पड़ी थी। इसके बावजूद अब दोबारा उसी तरह की कार्रवाई की जा रही है। 

कलेर के मुताबिक, सिट ने उनसे मामले से संबंधित हार्ड कापी लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अब अपने सभी एतराज ई-मेल के जरिए सिट को भेजे जाएंगे।

2013 में सामने आया था मामला

उल्लेखनीय है कि यह पूरा अवैध कारोबार 2013 में उस वक्त सार्वजनिक हुआ था, जब पंजाब पुलिस ने एक पूर्व पहलवान व तत्कालीन डीएसपी भोला को नशीले पदार्थों की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था। शुरुआती कार्रवाई में आरोपी के घर से लगभग 20 करोड़ रुपये की ड्रग्स जब्त किए जाने का दावा किया गया था।

इसके पश्चात ईडी ने भी इस समूचे अवैध तंत्र और मनी लॉन्ड्रिंग के जाल की परतें उधेड़ना शुरू किया। एजेंसियों के आकलन के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क करीब 6000 करोड़ रुपये के विशाल कारोबार से जुड़ा हुआ पाया गया था।

यह भी पढ़ें- आंख की झपकी लगते ही जालंधर-पठानकोट हाईवे पर टकराए टैंकर और कंटेनर, केबिन में एक घंटे तक तड़पता रहा चालक

2014 में मजीठिया पर लगाए थे आरोप

2014 में न्यायिक प्रक्रिया के दौरान, गिरफ्तार जगदीश भोला ने अदालत परिसर के बाहर सार्वजनिक रूप से मीडिया के सामने पूर्व मंत्री बिक्रम मजीठिया पर गंभीर आरोप लगाए थे। भोला ने बिक्रम मजीठिया का नाम इस अवैध नेटवर्क से जोड़ा था। अब बिक्रम मजीठिया की अनुपस्थिति के बाद एसआईटी की अगली रणनीति और कानूनी कदम पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

यह भी पढ़ें- कर्मचारियों के DA बकाए पर पंजाब सरकार को हाई कोर्ट की फटकार, चीफ जस्टिस बोले- 'कर्मचारियों नहीं मिल रहा हक का पैसा'