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    पंजाब में बढ़ता तापमान: गेहूं की पैदावार घटने की आशंका से किसान चिंतित

    Updated: Sun, 01 Mar 2026 05:57 PM (IST)

    संगरूर में तापमान सामान्य से 3-4 डिग्री अधिक होने से गेहूं और सब्जी फसलों पर खतरा बढ़ गया है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को हल्की सिंचाई और पोटेशियम न ...और पढ़ें

    संगरूर में खेतों में लहराती गेहूं की पुसल।

    संगरूर में खेतों में लहराती गेहूं की पुसल।

    HighLights

    1. पंजाब में तापमान सामान्य से 5 डिग्री अधिक दर्ज।

    2. गेहूं की पैदावार में भारी गिरावट की आशंका गहराई।

    3. किसानों को हल्की सिंचाई, पोटेशियम नाइट्रेट स्प्रे की सलाह।

    संवाद सूत्र, संगरूर। फरवरी माह की समाप्ति के बाद मार्च महीने की शुरुआत हो चुकी है। लगातार बढ़ रहा तापमान किसानों, सब्जी उत्पादकों व फल काश्तकारों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। गर्मी ने भी से अपने तेवर दिखाना शुरु कर दिए हैं। बदल रहे मौसम का पशु, पक्षियों, फसलों से लेकर सभी जगह असर दिख रहा है।

    पंजाब में अधिकतम 29 डिग्री व न्यूनतम तापमान 14 डिग्री के करीब बना हुआ है, जो सामान्य से तकरीबन 5 डिग्री तक अधिक दर्ज किया गया है। इस वर्ष जिला संगरूर में 2.40 हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की काश्त की गई है। इन दिनों 3 से 4 डिग्री अधिक चल रहा तापमान फसल को नुकसान पहुंचा सकता है।

    देखा जाए तो वर्ष 2021-22 में बढ़े तापमान की वजह से पैदावार 4142 किलो प्रति हेक्टेयर रह गया था, जबकि पहले यह 5500 किलो प्रति हेक्टेयर रहता रहा है। वर्ष 2019-20 में 5800 प्रति एकड़ पैदावार हुई थी।

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    तापमान बढ़ा तो दाना सही तरीके से आकार नहीं लेगा

    किसानों का मानना है कि तापमान बढ़ने से गेहूं का दाना सही तरीके से आकार नहीं लेगा। जिस दूध ने ठोस होकर दाने का आकार लेना था, वह गर्मी के कारण पहले ही सूख जाएंगा और अनाज नहीं बन पाएगा। अगर एेसा होता है तो फसल की पैदावार दो वर्ष पहले की तरह कम हो सकती है। वहीं भिंडी, कद्दू, तोरई, करेला, प्याज, खीरा इत्यादि को बचाने के लिए वह लगातार स्प्रे व सिंचाई कर रहे हैं। 

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    हल्की सिंचाई व स्प्रे करें किसान

    खेतीबाड़ी अधिकारी डाॅ. इंद्रजीत सिंह भट्टी ने कहा कि जिले में पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी लुधियाना द्वारा प्रमानित नियम के तहत पीबीडब्लयु 872, 826, एचडी 3086, डीबीडब्लयु 187, 222 आदि की बुआई की गई है। कृषि विज्ञान केंद्र संगरूर के इंचार्ज डाॅ. मनदीप सिंह ने कहा कि गर्मी से बचाव के लिए किसान हल्की सिंचाई कर सकते हैं या फिर 2 प्रतिशत पोटेशियम नाईट्रेट की स्प्रे की जा सकती है। किसी हालत में फसल को अधिक सूखा न रखा जाए।

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