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    Amalaki Ekadashi 2026: आमलकी एकादशी पर आयुष्मान योग समेत बन रहे हैं कई अद्भुत संयोग, बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा

    Updated: Tue, 10 Feb 2026 02:50 PM (GMT+05:30)

    फाल्गुन महीने में विजया और आमलकी एकादशी (Rangbhari Ekadashi 2026) मनाई जाती है। एकादशी तिथि जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। इस दि ...और पढ़ें

    Amalaki Ekadashi 2026: आमलकी एकादशी पर क्या करें और क्या न करें?

    Amalaki Ekadashi 2026: आमलकी एकादशी पर क्या करें और क्या न करें?

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, शुक्रवार 27 फरवरी को आमलकी एकादशी है। यह पर्व हर साल फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन जग के नाथ भगवान मधुसूदन और देवी मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। इस दिन वैष्णव समाज के अनुयायी और सामान्य भक्तजन एकादशी का व्रत करते हैं।

    amalki ekadashi 2026

    धार्मिक मत है कि आमलकी एकादशी के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करने से साधक को पृथ्वी लोक पर स्वर्ग समान सुखों की प्राप्ति होती है। आइए, आमलकी एकादशी की सही तिथि (Amalaki Ekadashi 2026 Date) शुभ मुहूर्त और योग जानते हैं-

    आमलकी एकादशी (Amalaki Ekadashi 2026 Shubh Muhurat)

    वैदिक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि शुक्रवार 27 फरवरी (अंग्रेजी कैलेंडर अनुसार) को देर रात 12 बजकर 33 मिनट पर शुरू होगी और 27 फरवरी को रात 10 बजकर 32 मिनट पर एकादशी तिथि समाप्त होगी। इस प्रकार 27 फरवरी को आमलकी एकादशी मनाई जाएगी।

    आमलकी एकादशी पारण समय

    शुक्रवार 27 फरवरी को आमलकी एकादशी का व्रत रखा जाएगा। वहीं, शनिवार 28 फरवरी को आमलकी एकादशी का पारण किया जाएगा। 28 फरवरी को आमलकी एकादशी का पारण सुबह 07 बजे से लेकर सुबह 09 बजकर 18 मिनट के मध्य किया जाएगा।

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    आमलकी एकादशी शुभ योग (Ayushman Yoga Benefits)

    ज्योतिषियों की मानें तो फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर आयुष्मान समेत कई मंगलकारी संयोग बन रहे हैं। इन योग में भगवान विष्णु की पूजा करने से साधक पर देवी मां लक्ष्मी की कृपा बरसेगी। उनकी कृपा से जीवन में व्याप्त सभी प्रकार के संकटों से मुक्ति मिलेगी। आयुष्मान योग का संयोग शाम 07 बजकर 44 मिनट तक है। इसके साथ ही आमलकी एकादशी पर सर्वार्थ सिद्धि और रवि और भद्रावास योग का संयोग बन रहे हैं।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।