अपरा एकादशी 2026: 13 मई को राशि अनुसार जपें ये मंत्र और पाएं अपार लक्ष्मी का वरदान
अपरा एकादशी के दिन राशि अनुसार भगवान विष्णु के मंत्रों का जप करने से सुख-समृद्धि और पापों से मुक्ति मिलती है। ...और पढ़ें
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अपरा एकादशी पर राशि अनुसार जपें मंत्र (Picture Credit: Freepik) (AI Image)
HighLights
ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की अपरा एकादशी 13 मई 2026 को
राशि अनुसार भगवान विष्णु के मंत्रों का जप करें
अपार सुख, समृद्धि और पापों से मुक्ति पाएं
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी पर अपरा एकादशी का व्रत किया जाता है, जो इस बार 13 मई को पड़ रहा है। इस दिन पर भगवान विष्णु के मंत्र का जप करने से अपार सुख, समृद्धि और पापों से मुक्ति मिलती है। विशेष लाभ के लिए आप इस दिन पर अपनी राशि के अनुसार मंत्रों का जप कर सकते हैं।
एकादशी पर राशि अनुसार मंत्र
- मेष - अपरा एकादशी की पूजा में आपको ॐ श्री केशवाय नमः या ॐ गोविंदाय नमः मंत्र का जप करना चाहिए।
- वृषभ - भगवान विष्णु की पूजा में ॐ श्री हृषीकेशाय नमः मंत्र का जप करें।
- मिथुन - मिथुन राशि के जातकों को एकादशी के दिन ॐ श्री कृष्णाय नमः या ॐ राधिकेशाय स्वाहा मंत्र का जप करना चाहिए।
- कर्क - आप अपरा एकादशी के दिन ॐ श्री अच्युताय नमः मंत्र का जप कर सकते हैं।
- सिंह - सिंह राशि के लोग एकादशी पर ॐ श्री जनार्दनाय नमः मंत्र का जप करें।
- कन्या - आप अपरा एकादशी के शुभ अवसर पर ॐ श्री चतुर्भुजाय नमः मंत्र का जप कर सकते हैं।
- तुला - तुला राशि के जातकों को एकादशी पर ॐ श्री माधवाय नमः मंत्र का जप करना चाहिए।
- वृश्चिक - वृश्चिक राशि वाले लोग एकादशी पर ॐ श्री गोविन्दाय नमः मंत्र का जप कर सकते हैं।
- धनु - आपको इस दिन पर ॐ श्री नारायणाय नमः मंत्र का जप करना चाहिए।
- मकर - मकर राशि वाले एकादशी पर ॐ श्री वामनाय नमः मंत्र का जप करें।
- कुंभ - आप एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा में ॐ श्री उपेन्द्राय अच्युताय नमः मंत्र का जप करके लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
- मीन - आपको इस शुभ दिन पर ॐ श्री पद्मनाभाय नमः मंत्र का जप करने से विशेष लाभ मिल सकता है।
कृपा प्राप्ति के लिए करें ये काम
- व्रत के दिन प्रातः काल उठकर व्रत का संकल्प लें।
- भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करें।
- प्रभु श्रीहरि का पंचामृत से अभिषेक करें और पीले फूल चढ़ाएं।
- भगवान विष्णु के भोग में तुलसी पत्र अर्पित करना न भूलें।
- शाम के समय तुलसी के पास घी का दीपक भी जरूर जलाएं।
- इस दिन पर अपनी क्षमता के अनुसार दान आदि करें।
- रात्रि में जागरण और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।
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