एकादशी पर किन चीजों का दान माना गया है सबसे शुभ? हर किसी को पता होने चाहिए ये नियम
अगर आप एकादशी तिथि पर दान करते समय इन नियमों का पालन करते हैं, तो इससे अपनी आध्यात्मिक यात्रा को और भी अर्थपूर्ण बना सकते हैं।
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मोहिनी एकादशी पर दान-पुण्य के नियम और लाभ
HighLights
27 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी मोहिनी एकादशी
एकादशी पर किए गए दान से मिलता है अक्षय पुण्य
सात्विक और निस्वार्थ भाव से करना चाहिए दान
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैशाख माह की शुक्ल एकादशी पर मोहिनी एकादशी आती है, जो इस बार 27 अप्रैल को मनाई जाएगी। एकादशी तिथि पर दान-पुण्य करने से साधक को भगवान विष्णु की कृपा की प्राप्ति होती है। लेकिन आपको एकादशी पर किए गए दान-पुण्य का लाभ तभी मिलता है, जब आप इससे जुड़े नियमों का भी ध्यान रखें।
एकादशी पर दान करने के लाभ
एकादशी पर दान करने से भगवान विष्णु की कृपा तो मिलती ही है, साथ ही साधक को अक्षय पुण्य प्राप्त होते हैं। इस दिन दान करने से कई तरह के दोषों से मुक्ति मिलती है। एकादशी पर किया गया दान, साधक को भगवान विष्णु की कृपा दिलाता है, जिससे जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
यह दान पिछले जन्मों के पापों से मुक्ति दिलाने में भी सहायक है। साधक को मानसिक शांति के साथ-साथ आध्यात्मिक उन्नति भी मिलती है। एकादशी के दिन सच्चे मन से दान करने पर सुख, समृद्धि और मनोवांछित फल की प्राप्ति होते है।

(Picture Credit: Freepik)
करें इन चीजों का दान
- एकादशी पर अन्न जैसे गेंहू, दाल आदि का दान करना सर्वोत्म माना गया है। एकादशी के दिन चावल नहीं खाते, लेकिन अनाज के रूप में चावल का दान किया जा सकता है।
- प्रभु श्रीहरि की कृपा के लिए आप एकादशी के दिन जल (कलश), फल और धार्मिक पुस्तकों आदि का दान कर सकते हैं।
- इस दिन पर अपनी क्षमता के अनुसार, गरीबों को धन का दान करना या भोजन करवाना भी सर्वोत्तम है।
- एकादशी के दिन पीले रंग की वस्तुओं जैसे पीले रंग के कपड़ों, चने की दाल और गुड़ का दान किया जाता है, क्योंकि यह रंग प्रभु श्रीहरि को प्रिय है।
- एकादशी पर गायों की सेवा करने और गायों के लिए चारा या दान करने से विशेष पुण्य मिलता है।
- द्वादशी तिथि पर ब्रह्मणों को भोजन करवाने के साथ-साथ दान-दक्षिणा देकर विदा करना चाहिए और इसके बाद एकादशी व्रत का पारण करना चाहिए।
एकादशी दान-पुण्य के मुख्य नियम
- एकादशी के दिन स्नान-ध्यान के बाद भगवान विष्णु की पूजा करके दान आदि करना चाहिए।
- एकादशी का दान हमेशा सात्विक और शुद्ध होना चाहिए।
- तामसिक भोजन या वस्तुओं का दान भूलकर भी न करें।
- कभी भी दिखावे के लिए दान न करें, हमेशा श्रद्धापूर्वक ही दान करना चाहिए।
- दान हमेशा बिना किसी अपेक्षा के निस्वार्थ भाव से किया जाना चाहिए।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।
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