वरुथिनी एकादशी पर तुलसी में बांधें ये एक चीज, दूर होगी कंगाली और चमक उठेगा भाग्य
वैशाख माह की वरूथिनी एकादशी 13 अप्रैल को मनाई जाएगी। यह एकादशी मोक्ष और सौभाग्य प्रदान करने वाली मानी जाती है। ...और पढ़ें

वरुथिनी एकादशी पर तुलसी के उपाय (Picture Credit: Freepik) (AI Image)
HighLights
तुलसी पर लाल या पीला कलावा बांधना शुभ
एकादशी पर तुलसी को जल अर्पित न करें
भगवान विष्णु के भोग में तुलसी पत्ता अवश्य डालें
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। एकादशी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा के साथ-साथ तुलसी की पूजा करने का भी विशेष महत्व है। ऐसे में वैशाख माह की वरूथिनी एकादशी पर आप सुख-समृद्धि के लिए तुलसी से जुड़े ये विशेष उपाय करके लाभ प्राप्त कर सकते हैं। चलिए जानते हैं इस बारे में।
जरूर करें ये काम
एकादशी के दिन सुबह स्नान के बाद या शाम को सूर्यास्त से पहले तुलसी के पौधे में लाल या पीले रंग का कलावा (मौली) बांधना बहुत ही शुभ माना जाता है। इस उपाय को करने के लिए अपनी नाप के बराबर कलावा लेकर, अपनी मनोकामना बोलते हुए इसे 7 या 11 बार तुलसी के तने में लपेटें।
कलावा बांधने के बाद तुलसी जी पर हल्दी और रोली का तिलक लगाएं और फिर घी का दीपक जलाएं। एकादशी के दिन यह उपाय करने से साधक को भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा मिलती है। साथ ही घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा भी आती है।
ये उपाय आएंगे आपके काम
- एकादशी के दिन भगवान विष्णु के भोग में तुलसी का पत्ता जरूर डालें, क्योंकि तुलसी के बिना प्रभु श्रीहरि भोग स्वीकार नहीं करते।
- एकादशी की शाम को तुलसी के पास गाय के घी का दीपक जरूर जलाएं। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
- दीपक जलाने के बाद 7 या 11 बार तुलसी की परिक्रमा करें और 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः मंत्र का जप करें।
- एकादशी पर तुलसी माता को लाल चुनरी और शृंगार का सामान अर्पित करें।
करें तुलसी जी के इन मंत्रों का जप
1. महाप्रसाद जननी सर्व सौभाग्यवर्धिनी, आधि व्याधि हरा नित्यं तुलसी त्वं नमोस्तुते।।
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2. तुलसी गायत्री - ॐ तुलसीदेव्यै च विद्महे, विष्णुप्रियायै च धीमहि, तन्नो वृन्दा प्रचोदयात् ।।
3. तुलसी नामाष्टक मंत्र -
वृंदा वृंदावनी विश्वपूजिता विश्वपावनी।
पुष्पसारा नंदनीय तुलसी कृष्ण जीवनी।।
एतभामांष्टक चैव स्त्रोतं नामर्थं संयुतम।
य: पठेत तां च सम्पूज्य सौश्रमेघ फलंलमेता।।
रखें ये सावधनी
एकादशी के दिन तुलसी में जल अर्पित नहीं करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी के मौके पर मां तुलसी, निर्जला व्रत करती हैं और जल अर्पित करने से उनका व्रत खंडित हो सकती है। इसलिए एकादशी पर तुलसी में जल डालने की भूल न करें। इसके साथ ही एकादशी पर तुलसी के पत्ते तोड़ने से भी बचना चाहिए। ऐसे में आप भगवान विष्णु के भोग में शामिल करने के लिए पत्ते एक दिन पहले ही तोड़कर रख सकते हैं।
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