क्या कहते हैं आपके जन्म के ग्रह- नक्षत्र? इन ज्योतिषीय संकेतों से पता लगाएं लव मैरिज होगी या नहीं
ज्योतिष के अनुसार कुछ ग्रह-नक्षत्र प्रेम विवाह के योग बनाते हैं तो कुछ में पारिवारिक पसंद से शादी के संकेत मिलते हैं। अपनी कुंडली के इन ज्योतिषीय संके ...और पढ़ें

ग्रह-नक्षत्रों के संकेत

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। शादी की उम्र में हर व्यक्ति के मन में यह सवाल जरूर आता है कि उसकी शादी लव मैरिज होगी या अरेंज मैरिज। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हमारी जन्म कुंडली और नक्षत्र इस बात का संकेत देते हैं। कुछ ग्रह-नक्षत्र प्रेम विवाह के प्रबल योग बनाते हैं, तो कुछ पारिवारिक सहमति से होने वाली शादी की ओर इशारा करते हैं। आइए जानते हैं कुंडली के वो महत्वपूर्ण संकेत।
प्रेम और विवाह के कारक भाव कौन से हैं?
ज्योतिष में पंचम भाव को प्रेम, रोमांस और आकर्षण का भाव माना जाता है। वहीं सप्तम भाव विवाह और जीवनसाथी का भाव है। जब किसी जातक की कुंडली में पंचम और सप्तम भाव का आपस में संबंध बनता है, तो प्रेम विवाह के योग बनते हैं।
अगर पंचमेश और सप्तमेश एक साथ बैठे हों, जोड़ी बनाए हुए हों या एक-दूसरे के आमने-सामने हों, तो व्यक्ति का प्रेम संबंध विवाह तक पहुंचने की संभावना बहुत बढ़ जाती है। इसके अलावा पंचम भाव पर शुभ ग्रहों की दृष्टि भी लव मैरिज को सपोर्ट करती है।
शुक्र, मंगल और राहु की होती है अहम भूमिका
शुक्र ग्रह प्रेम, आकर्षण और सौंदर्य का कारक है। मंगल ऊर्जा, जुनून और साहस देता है। जब कुंडली में शुक्र और मंगल का संबंध पंचम या सप्तम भाव से बनता है, तो व्यक्ति में प्रेम संबंध बनाने की तीव्र इच्छा होती है।
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सबसे दिलचस्प योग शुक्र और राहु की जोड़ी होता है। राहु पारंपरिक नियमों को तोड़ता है। जब शुक्र के साथ राहु या केतु का प्रभाव सप्तम भाव पर पड़ता है, तो व्यक्ति परिवार के खिलाफ जाकर प्रेम विवाह कर लेता है। ऐसी स्थिति में लव मैरिज के योग सबसे मजबूत माने जाते हैं।
कौन से नक्षत्र देते हैं प्रेम विवाह के संकेत?
नक्षत्र भी हमारे स्वभाव और रिश्तों को तय करते हैं। कुंडली शास्त्र के अनुसार कुछ नक्षत्रों में जन्मे लोगों में भावनाओं की गहराई और आकर्षण अधिक होता है।
आर्द्रा नक्षत्र: इस नक्षत्र के जातक दिल के बहुत भावुक होते हैं और जल्दी किसी से जुड़ जाते हैं।
पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र: प्रेम और रोमांस के मामले में ये लोग बहुत भाग्यशाली माने जाते हैं।
विशाखा नक्षत्र: आकर्षण और लग्जरी पसंद करने वाले ये जातक प्रेम संबंधों में खुलकर जीते हैं।
अनुराधा नक्षत्र: इनका स्वभाव वफादार होता है और ये अपने प्रेम को विवाह तक ले जाने में विश्वास रखते हैं।
अत: इन नक्षत्रों में जन्म लेने वाले लोगों की कुंडली में अगर पंचम-सप्तम का संबंध भी बन रहा हो, तो लव मैरिज लगभग तय मानी जाती है।
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