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    गरु, बुध, चंद्र और मंगल दोष से परेशान हैं? सावन में करें भगवान शिव की विशेष आराधना

    Updated: Fri, 24 Jul 2026 09:00 AM (IST)

    सावन 2026 में गुरु, बुध, चंद्र और मंगल दोष की शांति के लिए भगवान शिव की विशेष आराधना का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व जानें। शिव पूजा, जलाभिषेक, मंत्र और ...और पढ़ें

    भगवान शिव की सच्‍चे दिल से पूजा करने से जरूर मिलता है फल  (Picture Credit- AI Generated)

    भगवान शिव की सच्‍चे दिल से पूजा करने से जरूर मिलता है फल (Picture Credit- AI Generated)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। 30 जुलाई से सावन शुरू हो रहे हैं। यह महीना भगवान शिव को सबसे प्रिय होता है। धार्मिक मान्‍यताओं के अनुसार सावन के महीने में भगवान शिव स्‍वयं धरती पर अपने भक्‍तों के साथ रहने के लिए आते हैं। इस पूरे महीने शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगी रहती है। जल, बेलपत्र और मंत्रों से शिवलिंग का अभिषेक किया जाता है। ऐसी मान्यता भी है कि सावन में की गई शिव उपासना बहुत जल्दी फल देती है।

    ज्योतिष शास्‍त्र के अनुसार हमारी कुंडली में मौजूद ग्रह दोष हमारे जीवन में रुकावट, बीमारी, पैसों की तंगी और रिश्तों में परेशानी लाते हैं। कहा जाता है कि शिवजी सभी ग्रहों के स्वामी हैं। इसलिए सावन में शिव की आराधना से नौ ग्रहों के बुरे प्रभाव को कम किया जा सकता है।आइए जानते हैं कि किस ग्रह दोष के लिए सावन में किस तरह की शिव उपासना करनी चाहिए।

    सूर्य दोष

    सूर्य दोष को पिता से जोड़कर देखा जाता है। जब कुंडली में सूर्य कमजोर होता है, तब पिता से संबंध बिगड़ते हैं, मान सम्‍मान में कमी आती है, नौकरी में दिक्‍कत और आत्‍मविश्‍वास भी कम हो जाता है। ऐसे में यदि जातक सावन में हर दिन शिवलिंग पर तांबे के लोटे से जल चढ़ाता है, तो सुर्य दोष के प्रभाव में कमी आ सकती है।

    चंद्र दोष

    चंद्र दोष जिसकी भी कुंडली में होता है, उसकी मानसिक शांति छिन जाती है। दरअसल, चंद्रमा को मन का कारक माना जाता है। चंद्र कमजोर होने पर तनाव, डर, नींद न आना और माता से दूरी होने जैसी दिक्‍कतों का सामना करना पड़ता है। यदि आपको भी ऐसा कुछ अनुभव हो रहा है, तो शिवलिंग पर कच्‍चा दूध और सफेद फूल चढ़ाएं।

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    मंगल दोष

    मंगल दोष के कारण विवाह में बाधा , बहुत गुस्‍सा आना, किसी दुर्घटना का शिकार हो जाना, कर्ज में डूब जाना आदि दिक्‍कतों का सामना करना पड़ सकता है। यदि इन दोषों से बचना है तो सावन में भगवान शिव को लाल फूल, गुड़ और लाल चंदन अर्पित करें।

    बुध दोष

    एबुध के खराब होने पर पढ़ाई में दिक्कत, बोलने में अटकन और व्यापार में नुकसान होता है। सावन के हर बुधवार को शिव को हरे फूल और बेलपत्र चढ़ाएं। छात्रों के लिए यह उपाय बहुत फायदेमंद है।

    गुरु दोष

    कुंडली में यदि गुरु दोष है, तो आप चाहे कितनी ही मेहनत कर लें करियर में रुकावट आएगी ही आएगी। गरु का संबंध ज्ञान और भाग्‍य से होता है। इसके कमजोर होने पर सारे काम रुक जाते हैं। आप कोई भी सही निर्णय नहीं ले पाते हैं और न ही आपको तरक्‍की मिलती है। ऐसे में सावन में हर गुरुवार को शिवलिंग पर पीले फूल अर्पित करें।

    शुक्र दोष

    किसी जातक के वैवाहिक जीवन में चीजें ठीक नहीं चल रही हैं, प्रेम, धन, भौतिक सुख में कमी आ रही है। जा‍तक के बालों और त्‍वचा में कोई संक्रमण या परेशानी आ रही है, तो यह सीधा संकेत है कि कुंडली में शुक्र की अच्‍छी स्थिति में नहीं है। सावन भर यदि आप शिव-पार्वती की हर शुक्रवार पूजा करते हैं, तो इससे आपको बड़ा लाभ मिल सकता है।

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    अत: सावन में भगवान शिव की सच्‍चे दिल से पूजा करने से जरूर फल मिलता है क्‍योंकि भगवान शिव भोला भंडारी हैं और वे अपने भक्‍तों को दुख में नहीं देख सकते हैं।

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।