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    भगवान शिव का सबसे प्रिय मंत्र कौन सा है? सावन में इसका जाप बदल सकता है किस्मत 

    Updated: Wed, 22 Jul 2026 02:48 PM (IST)

    शिव महापुराण एक ऐसा पुराण माना जाता है जिसमें शिव की महिमा के बारे में बताया गया है और शिव का आशीर्वाद पाने का मार्ग भी बताया गया है। इस ग्रंथ में शिव ...और पढ़ें

    सावन में ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप: कष्टों से मुक्ति और मनोकामना पूर्ति का रहस्य (Picture Credit: AI Generated)

    सावन में ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप: कष्टों से मुक्ति और मनोकामना पूर्ति का रहस्य (Picture Credit: AI Generated)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में किसी भी पूजा-पाठ को लेकर कई नियम बनाए गए हैं और इनका पालन अत्यंत जरूरी होता है। यही नहीं जब हम अपने आराध्य को प्रसन्न करने के लिए पूजा करते हैं तो कुछ मंत्रों का जाप करना भी बहुत शुभ होता है।

    मंत्रों के जाप से अपने इष्ट को जागृत किया जा सकता है और उनका आशीर्वाद लिया जाता है। ऐसे ही भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए भी एक सबसे शक्तिशाली मंत्र है जिसका जाप अत्यंत फलदायी होता है।

    ऐसा माना जाता है कि यदि कोई व्यक्ति सावन में शिव के प्रिय मंत्र का जाप करता है, तो उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं और उसे सभी कष्टों से मुक्ति भी मिलती है। आइए आपको बताते हैं शिव के इस प्रिय मंत्र के बारे में और सावन में इसका जाप करने से कौन से लाभ हो सकते हैं यह भी जानें।

    भगवान शिव का सबसे प्रिय मंत्र कौन सा है?

    शिव महापुराण में शिव जी की महिमा का विस्तृत रूप में बखान मिलता है और उनकी पूजा के लिए कई अलग-अलग मंत्रों का वर्णन है, लेकिन जब शिव जी के सर्वप्रिय मंत्र की बात आती है, तो शिव पंचाक्षरी मंत्र 'ॐ नमः शिवाय' को ही माना जाता है।

    इस मंत्र को पंचाक्षरी इसलिए कहा जाता है क्योंकि ॐ हो हटाकर इसमें पांच अक्षर होते हैं। इस मंत्र का नियमित जाप भी विशेष रूप से फलदायी माना जाता है, लेकिन सावन में इसका महत्व बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। जो भक्त सावन में मंत्र का नियमित जाप करता है उसके जीवन में सदैव खुशहाली बनी रहती है।

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    'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का अर्थ और महत्व

    इस मंत्र का अर्थ है 'मैं भगवान शिव को नमस्कार करता हूं'। शिवमहापुराण में इस मंत्र का महत्व बताया गया है। इस मंत्र का जाप करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और व्यक्ति की मानसिक और शारीरिक ऊर्जा बढ़ती है जिससे उसे आगे बढ़ने की शक्ति मिलती है।

    इस मंत्र का कंपन मन मस्तिष्क को खोल सकता है जिससे उस व्यक्ति को समस्त कार्यों में सिद्धि मिलती है। यह मंत्र पांच तत्वों पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश की तरफ इशारा करता है और इन तत्वों की शक्ति को जागृत करने में मदद करता है।

    सावन में ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करने के लाभ

    यदि कोई व्यक्ति सावन में नियमित या सोमवार के दिन इस मंत्र का जाप 11, 21, 51 या 108 बार करता है तो उसे शत्रुओं से विजय पाने में मदद मिलती है। उस व्यक्ति को अपनी लक्ष्य पाने की प्रेरणा मिलती है। ऐसे व्यक्ति के जीवन में समृद्धि के योग बनते हैं और इनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

    सावन में 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप भगवान शिव को प्रसन्न करने का सबसे आसान तरीका माना जाता है और इससे शिव का आशीर्वाद भक्त के जीवन में सदैव बना रहता है।

    अगर आप भी सावन के महीने में भगवान शिव के सर्वप्रिय मंत्र ॐ नमः शिवाय का जाप करें तो आपके जीवन में इसके शुभ लाभ दिखाई देंगे।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।