शनिश्चरी अमावस्या 2026: दुर्लभ साये में मनेगी शनि जयंती, इन राशियों के लिए साबित होगा वरदान
इस साल शनि जयंती और शनिश्चरी अमावस्या का दुर्लभ संयोग बन रहा है। जानें कब मनाई जाएगी शनि जयंती और शनि की साढ़े साती व ढैय्या से राहत पाने के सबसे असरद ...और पढ़ें

शनिश्चरी अमावस्या 2026 का शुभ मुहूर्त कब? (Image Source: AI-Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। जिंदगी में जब काम बिना वजह बिगड़ने लगें या कड़ी मेहनत के बाद भी सफलता हाथ न लगे, तो अक्सर हमारा ध्यान 'शनि देव' (Shani Dev) की तरफ जाता है। शनि की साढ़े साती या ढैय्या का नाम सुनते ही मन में थोड़ा डर बैठ जाना स्वाभाविक है।
ज्योतिष शास्त्र में 'शनिश्चरी अमावस्या' (Shanichari Amavasya 2026) (शनिवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या) को एक बहुत ही शुभ और शक्तिशाली अवसर माना गया है। यह दिन शनि देव को प्रसन्न करने और जीवन की सभी रुकावटों को दूर करने का एक बेहतरीन मौका होता है।
क्या है शनिश्चरी अमावस्या का महत्व?
शास्त्रों के अनुसार, अमावस्या तिथि वैसे भी पूजा-पाठ और पितरों को याद करने के लिए बहुत खास होती है। लेकिन, जब यही अमावस्या शनिवार के दिन पड़ती है, तो इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इस दिन पूरे सच्चे मन से किए गए छोटे-छोटे काम भी शनि दोष, साढ़े साती और ढैय्या के भारी प्रभावों को शांत करने में अचूक साबित होते हैं।
इस बार बन रहा है दुर्लभ संयोग
साल 2026 की शनिश्चरी अमावस्या बहुत ही खास होने वाली है। इस बार अमावस्या के दिन ही शनि जयंती (Shani Jayanti 2026) भी पड़ रही है, जो एक बहुत ही दुर्लभ संयोग है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ऐसा महासंयोग कई दशकों में एक बार ही देखने को मिलता है। इस वजह से, इस दिन किए गए पूजा-पाठ और उपायों का फल कई गुना ज्यादा मिलता है।
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कब है शनिश्चरी अमावस्या? (Shanishchari Amavasya 2026 Date)
पंचांग के अनुसार, साल 2026 की पहली शनिश्चरी अमावस्या 16 मई को पड़ रही है। इसी दिन देशभर में शनि जयंती भी धूमधाम से मनाई जाएगी।
किन राशियों पर चल रहा है शनि का प्रभाव?
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, इस समय मुख्य रूप से 5 राशियों पर शनि का सीधा असर है। अगर इन राशियों के लोग शनिश्चरी अमावस्या के दिन शनि देव की पूजा और सटीक उपाय करते हैं, तो उन्हें कष्टों से बड़ी राहत मिल सकती है:
शनि की ढैय्या: वर्तमान में सिंह (Leo) और धनु (Sagittarius) राशि के लोग शनि की ढैय्या के प्रभाव में हैं।
शनि की साढ़ेसाती: वहीं, कुंभ (Aquarius), मीन (Pisces) और मेष (Aries) राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती का असर चल रहा है।
साढ़े साती और ढैय्या से राहत पाने के आसान उपाय
- शाम के समय (सूर्यास्त के बाद) पीपल के पेड़ के पास जाएं और वहां सरसों के तेल का एक दीपक जलाएं। दीपक में थोड़े से काले तिल डालना न भूलें। इससे शनि देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
- नहा-धोकर साफ कपड़े पहनें और एकांत में बैठकर 'शनि चालीसा' का पाठ करें। आप चाहें तो 'ॐ शं शनैश्चराय नम:' मंत्र का 108 बार जाप भी कर सकते हैं। इससे मन को अद्भुत शांति मिलेगी।
- किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को काले कपड़े, काली उड़द की दाल, लोहे का कोई बर्तन, काला छाता या जूते-चप्पल दान करें। दान हमेशा बिना किसी दिखावे के करना चाहिए।
- काले कुत्ते को सरसों का तेल लगी हुई रोटी खिलाना और कौओं को दाना डालना शनि देव को बहुत पसंद है।
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।