कब-कैसे और कहां लेंगे आप अंतिम सांस! इस मंदिर में मिलेगा मृत्यु से लेकर अगले जन्म तक का पूरा हिसाब
क्या आप जानते हैं मृत्यु और अगले जन्म का रहस्य कहां खुलता है? तमिलनाडु का प्रसिद्ध वैथीश्वरन कोइल मंदिर एक ऐसा दिव्य स्थान हैं, जहां आपको मिल जाएगा अंतिम सांस से लेकर अगले जन्म तक का पूरा लेखा-जोखा!

नाड़ी ज्योतिष' का केंद्र है यह मंदिर। (Picture Credit- AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। मृत्यु इस जीवन का अटल सत्य है। जो आया है उसे जाना है और जाकर फिर कहीं जन्म लेना। जीवन और मरण का यह चक्र कभी बंद नहीं होता है। मगर इस जीवनकाल में यह जान पाना कि मृत्यु कब और कैसे होगी, यह किसी के लिए भी आसान नहीं है। लेकिन एक मंदिर है, जहां आप अपने भूत और भविष्य की बातें जान सकते हैं।
इस मंदिर का नाम है 'वैदेश्वरन कोइल मंदिर'। तमिलनाडु के मयिलादुथुराई जिले में स्थित यह मंदिर नाड़ी ज्योतिष के लिए प्रसिद्ध है। यहां मुख्य आकर्षण हैं भगवान महादेव, जो यहां एक वैद्य के रूप में विराजमान है। चलिए आज हम आपको इस धार्मिक स्थल के बारे में रोचक बातें बताते हैं।
ताड़ के पत्तों में लिखा मिलता है आपका भविष्य
बहुत हैरानी की बात है कि यहां पर मौजूद पंडित और ज्योतिष आपकी कुंडली नहीं देखते हैं, बल्कि आपके अंगूठे के निशान को देखकर ही पता लगा लेते हैं कि आपका भूत क्या था और भविष्य क्या होने वाला है।
बताया जाता है कि प्राचीन ताड़ के पत्तों में नाड़ी ज्योतिष का गहरा राज छुपा हुआ है। यहां पर आपके अंगूठे के निशान देखकर यह बताया जा सकता है कि आप पिछले जन्म में क्या थे। इस जन्म में आपका भविष्य क्या है और इससे अगले जन्म में आपकी योनि क्या होगा।
नाड़ी ज्योतिष से कैसे पता लगता है भूत और भविष्य
इस मंदिर से जुड़ी एक प्रचलित कथा है। कथा अनुसार सैंकड़ों वर्ष पहले महर्षि अगस्त्य ने पृथ्वी पर मौजूद हर आत्मा के भूत और भविष्य का लेखा जोखा इन ताड़ पत्तो पर किया हुआ था। इस मंदिर में उन पत्तों को आज तक सुरक्षित रखा गया है।
इन पत्तों पर अंगूठे के निशानों की 108 श्रेणियां उल्लिखित हैं। आपके अंगूठे के निशान जिस श्रेणी के होते हैं, बस उससे ही मिलता-जुलता आपका भविष्य होता है। आपके बताए बिना ही यहां के ज्योतिष आपके माता-पिता से लेकर आपके पुरखों तक का और आपके आने वाले वंश के लोगों के बारे में बता देते हैं। यह पूरी प्रक्रिया बहुत ही हैरानी भरी होती है।
इन पत्तों को 'आयु कांडम' कहा गया है। 12 अध्यायों वाली इस ताड़पत्री का सबसे चौंकाने वाला अध्याय 8, आपकी मृत्यु तक का संभावित समय, स्थान और वजह बता देता है। इन पत्तों से यह तक पता चल जाता है कि भविष्य में आपको कौन सी गंभीर बीमारी हो सकती है।
मंदिर में है प्राचीन 'कुंड'
मंदिर में केवल भूत और भविष्य की जानकारी ही नहीं मिलती है, बल्कि यहां पर एक पवित्र कुंड भी है। कहा जाता है कि इसके जल में जो स्नान कर लेता है, उसके सारे रोग दूर हो जाते हैं। यहां स्नान करने के बाद मंदिर की पवित्र वेदी यानी चबूत्रे पर नमक और काली मिर्च अर्पित की जाती है। मान्यता है कि ऐसा करने से मनुष्य के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।
अत: इस अनोखे मंदिर में भगवान शिव, जिन्हें काल भी कहा गया है, उन्हीं के पास आपके जीवन का लेखा-जोखा मिल जाएगा। इतना ही नहीं, किसी को गंभीर रोग है, तो यहां के कुंड में स्नान करने और प्रसाद में नमक-काली मिर्च चढ़ाने से भी शुभ लाभ प्राप्त होगा।
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