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कृष्ण जन्माष्टमी पर घर में लड्डू गोपाल की पूजा के विशेष नियम पढ़ें

Published: Wed, 02 Sep 2026 06:45 PM (IST)

कृष्ण जन्माष्टमी पर घर में लड्डू गोपाल की पूजा के विशेष नियम हैं। चलिए जानते हैं कि इस दिन भगवान ...और पढ़ें

जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल की पूजा ! (Picture Credit- AI Generated)

जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल की पूजा ! (Picture Credit- AI Generated)

HighLights

  1. सुबह स्नान कर पूजा का संकल्प लें।

  2. रात 12 बजे पंचामृत से अभिषेक करें।

  3. तुलसी और माखन-मिश्री का भोग लगाएं।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। कृष्ण जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर्व है, जिसे पुरे देश में धूम-धाम से मनाया जाता है। इस दिन घर में लड्डू गोपाल की पूजा और सेवा करने का विशेष महत्व है। भक्त बाल स्वरूप में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करते हैं और उन्हें बच्चे की तरह स्नान कराते हैं, सुंदर वस्त्र पहनाते हैं और प्रेम से भोग लगाते हैं। माना जाता है कि जन्माष्टमी पर विधि-विधान और श्रद्धा से लड्डू गोपाल की पूजा की जाए तो घर में सुख-शांति और सकारात्मकत ऊर्जा का प्रवेश होता है।

सुबह जल्दी उठकर करें स्नान

जन्माष्टमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे वस्त्र पहनें। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्‍प करें। इसके साथ ही श्रीकृष्‍ण की पूजा करने से पहले मन को शांत रखें।

पूजा स्थल की करें सफाई

लड्डू गोपाल की पूजा के लिए घर के मंदिर या पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें। पूजा की चौकी पर साफ पीले या सफेद रंग का कपड़ा बिछाएं। इसके बाद लड्डू गोपाल को चौकी पर बैठाएं करें। आप इस दिन लड्डू गोपाल का झूला या फिर बैठने वाला सिंघासन भी बदल सकते हैं। जन्माष्टमी पर पूजा स्थल को फूलों और अन्य सजावटी चीजों से सजाएं।

रात 12 बजे करें अभिषेक

धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म रात 12 बजे हुआ था। इसलिए जन्माष्टमी की पूजा भी रात 12 बजे ही होती है। खीरे की बेल को नाल का प्रतिकात्‍मक रूप समझकर काटें और भगवान का जन्‍म कराएं।

जन्म के बाद लड्डू गोपाल का अभिषेक करें। इसके लिए दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से पंचामृत तैयार करें। पंचामृत से भगवान का अभिषेक करने के बाद उन्हें शुद्ध जल या गंगाजल से स्नान कराएं।

लड्डू गोपाल का करें सुंदर श्रृंगार

स्नान कराने के बाद लड्डू गोपाल को साफ कपड़े से पोंछकर नए और साफ वस्त्र पहनाएं। जन्माष्टमी पर भगवान को पीले रंग के वस्त्र पहनाना शुभ माना जाता है। इसके बाद उनका मुकुट, बांसुरी, मोरपंख और वैजयंती माला से श्रृंगार करें। माथे पर चंदन और केसर का तिलक लगाएं। साथ ही, भगवान को फूलों की माला भी पहनाएं।

भोग में जरूर रखें तुलसी

भगवान श्रीकृष्ण को भोग लगाते समय तुलसी दल का विशेष महत्व है। इसलिए भोग की थाली में तुलसी का पत्ता जरूर रखें। धार्मिक मान्यता के अनुसार तुलसी भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण को बेहद प्रिय है। ध्यान रखें कि तुलसी दल को साफ करके ही भोग में अर्पित करें।

माखन-मिश्री का लगाएं भोग

भगवान श्रीकृष्ण को माखन-मिश्री बहुत प्रिय माना जाता है। जन्माष्टमी पर रात में उन्हें माखन-मिश्री का भोग जरूर लगाएं। इसके अलावा मखाने की खीर, पंजीरी, पंचमेवा और अन्य सात्विक पकवान भी भोग में शामिल कर सकते हैं।

बाल भाव से करें सेवा

लड्डू गोपाल की पूजा में सबसे महत्वपूर्ण है श्रद्धा और बाल भाव है। इसलिए जन्‍माष्‍टमी के दिन लड्डूगोपल को झूला जरूर झुलाएं और उनकी आरती गाएं।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है

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