क्या आपका बच्चा भी घंटों मोबाइल में खोया रहता है? सूर्य देव के 5 मंत्र लौटाएंगे उसका कंसंट्रेशन
आधुनिक बच्चों में एकाग्रता की कमी और तनाव को देखते हुए, ज्योतिष शास्त्र सूर्य देव के मंत्रों को उनके बौद्धिक और मानसिक विकास के लिए जरूरी बताता है। ...और पढ़ें

बच्चों के लिए सूर्य से जुड़े पांच सरल और प्रभावी मंत्र (AI-Generated Image)
HighLights
बच्चों में एकाग्रता, तनाव कम करने में सहायक।
सूर्य मंत्र बौद्धिक, मानसिक, शारीरिक मजबूती देते हैं।
नेतृत्व क्षमता, ऊर्जा, साहस का संचार करते हैं।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। आधुनिक युग में बच्चों का जीवन काफी तेजी से बदलता जा रहा है। नई-नई तकनीकी वस्तुएं बच्चों के जन्म से ही प्रभाव डाल रही है। आज कल के ज्यादातर पेरेंट्स अपने बच्चों के कौशल विकास पर ध्यान की जगह उन्हें मोबाइल फोन थमा दे रहे हैं। जिस वजह से मां-बाप के साथ बच्चे भी घंटों-घंटों मोबाइल पर वीडियो देखने में समय गुजार देते हैं।
वर्तमान समय के बच्चों पर लगातार कॉम्पिटिशन और खुद को बेहतर बनाने का दबाव भी बढ़ता जा रहा है। सामाजिक और अकादमिक दबाव के कारण आज के ज्यादातर बच्चों में एकाग्रता की कमी के साथ मानसिक तनाव की समस्या देखने को मिलती है।
बच्चों के लिए सूर्य क्यों जरूरी?
ज्योतिष शास्त्र में सूर्य ग्रह का खास महत्व है। हिंदू धर्म में सूर्य ग्रह को देवता का स्वरूप मानकर उनकी पूजा-अर्चना की जाती है। ज्योतिषीय ही नहीं बल्कि सूर्य प्राकृतिक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह धरती पर ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत है। जिस भी व्यक्ति का सूर्य मजबूत होता है, उसमें नेतृत्व क्षमता, बल, अपार ऊर्जा और साहस का संचार बना रहता है।
तेजी से बदलते हुए दौर में अपने बच्चों के बौद्धिक विकास और मानसिक व शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सूर्य से जुड़े इन 5 मंत्रों को जरूर स्मरण कराना चाहिए।
बच्चों के लिए सूर्य से जुड़े 5 सरल और प्रभावी मंत्र
1. ऊं सूर्याय नम:
अर्थ- इस मंत्र का असल मतलब है कि, अंधकार को दूर करने वाला सूर्य जिसकी हम पूजा करते हैं। जिसने हमें प्रकाश दिया है।
2. ऊं मरीचये नमः
अर्थ- यह मंत्र सूर्य भगवान के 12 नामों में से एक है। हम उन भगवान सूर्य को नमस्कार करते हैं, जो प्रकाश की किरणों के स्वामी हैं और समस्त जगत को ऊर्जा प्रदान करते हैं।
3. ऊं रवये नमः
अर्थ- रवये यानी रवि जो हमेशा प्रकाशवान या चमकने वाला। संक्षेप में समझे तो जो प्रकाशमान होने के साथ सभी को रोशनी प्रदान करता है, उन तेजस्वी सू्र्य देव को मेरा नमस्कार है।
4. ऊं घृणि सूर्याय नम:
अर्थ- मैं संपूर्ण ब्रह्मांड को प्रकाशित करने वाले ज्ञान और ऊर्जा के प्रतीक सूर्य देव को नमस्कार करता हूं।
6. ऊं नमो भगवते सूर्याय नमः
अर्थ- सूर्य देव के अत्यंत पवित्र मंत्रों में शामिल इसका अर्थ है कि, हम सूर्यदेव का आह्वान करते हैं और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए मंत्र का जाप करते हैं।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।