Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    Basant Panchami 2026: इस आरती के बिना अधूरी है वसंत पंचमी की पूजा, जरूर करें इसका पाठ

    Updated: Fri, 23 Jan 2026 08:38 AM (IST)

    वसंत पंचमी (Basant Panchami 2026) का दिन हिंदू धर्म में बहुत शुभ माना जाता है और यह माता सरस्वती को समर्पित है। इस दिन देवी सरस्वती ब्रह्मा जी के मुख ...और पढ़ें

    Basant Panchami 2026: वसंत पंचमी की आरती।

    Basant Panchami 2026: वसंत पंचमी की आरती।

    HighLights

    1. वसंत पंचमी का दिन बहुत शुभ माना जाता है

    2. यह माता सरस्वती को समर्पित है

    3. इस साल यह पावन पर्व आज यानी 23 जनवरी को मनाया जा रहा है

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में वसंत पंचमी का दिन बहुत शुभ माना जाता है। यह माता सरस्वती को समर्पित है। इस साल यह पावन पर्व आज यानी 23 जनवरी को मनाया जा रहा है। शास्त्रों के अनुसार, इसी दिन ब्रह्मा जी के मुख से देवी सरस्वती प्रकट हुई थीं, इसलिए इसे उनके जन्मोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। वसंत पंचमी (Basant Panchami 2026) पर पीले वस्त्र पहनना, पीले फूलों से मां का शृंगार करना और विद्या की प्राप्ति के लिए व्रत रखना बहुत फलदायी माना जाता है, लेकिन मां सरस्वती की पूजा तब तक पूर्ण नहीं मानी जाती, जब तक पूरी श्रद्धा के साथ उनकी आरती न की जाए, तो आइए देवी की आरती करते हैं -

    Basant Panchami 2026 Bhog List 1

    AI Generated

    ।।सरस्वती माता की आरती।।

    जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता ।

    सदगुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता ॥

    जय जय सरस्वती माता...

    चन्द्रवदनि पद्मासिनि, द्युति मंगलकारी ।

    सोहे शुभ हंस सवारी, अतुल तेजधारी ॥

    जय जय सरस्वती माता...

    बाएं कर में वीणा, दाएं कर माला ।

    शीश मुकुट मणि सोहे, गल मोतियन माला ॥

    जय जय सरस्वती माता...

    देवी शरण जो आए, उनका उद्धार किया ।

    पैठी मंथरा दासी, रावण संहार किया ॥

    जय जय सरस्वती माता...

    विद्या ज्ञान प्रदायिनि, ज्ञान प्रकाश भरो ।

    मोह अज्ञान और तिमिर का, जग से नाश करो ॥

    जय जय सरस्वती माता...

    धूप दीप फल मेवा, माँ स्वीकार करो ।

    ज्ञानचक्षु दे माता, जग निस्तार करो ॥

    जय जय सरस्वती माता...

    माँ सरस्वती की आरती, जो कोई जन गावे ।

    हितकारी सुखकारी, ज्ञान भक्ति पावे ॥

    जय जय सरस्वती माता...

    जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता ।

    सदगुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता ॥

    ।।सरस्वती माता की आरती।।

    ओइम् जय वीणे वाली, मैया जय वीणे वाली

    ऋद्धि-सिद्धि की रहती, हाथ तेरे ताली

    ऋषि मुनियों की बुद्धि को, शुद्ध तू ही करती

    स्वर्ण की भाँति शुद्ध, तू ही माँ करती॥

    ज्ञान पिता को देती, गगन शब्द से तू

    विश्व को उत्पन्न करती, आदि शक्ति से तू॥

    हंस-वाहिनी दीज, भिक्षा दर्शन की

    मेरे मन में केवल, इच्छा तेरे दर्शन की॥

    ज्योति जगा कर नित्य, यह आरती जो गावे

    भवसागर के दुख में, गोता न कभी खावे॥

    यह भी पढ़ें- बसंत पंचमी/सरस्वती पूजा 2026: महासिद्ध और सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग, नोट करें पूजा विधि और हवन मंत्र

    यह भी पढ़ें- Basant Panchami 2026: 23 जनवरी को बसंत पंचमी, सुबह 7.20 से लेकर दोपहर 1.45 बजे तक श्रेष्ठ मुहूर्त

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।