घर या मंदिर में घंटी की आवाज कैसे दूर करती है 'नेगेटिविटी'? पढ़ें स्कंद पुराण के जबरदस्त रहस्य
मंदिर की घंटी बजाने के पीछे क्या है असली वजह? पढ़ें स्कंद पुराण के अनुसार इसके जबरदस्त फायदे, जो आपके मन और घर की ऊर्जा को तुरंत बदल देंगे। ...और पढ़ें

घर और मंदिर में क्यों बजाते हैं 'घंटी' (Image Source: AI-Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। मंदिर में प्रवेश करते ही सबसे पहला काम घंटी बजाने का होता है। लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि यह घंटी सिर्फ धातु का एक टुकड़ा है या इसके पीछे कोई गहरी और पुरानी मान्यता भी छिपी है?
शास्त्रों और पुराणों में घंटी बजाने के महत्व को विस्तार से बताया गया है। स्कंद पुराण के अनुसार, घंटी की आवाज से निकलने वाला नाद ॐ (Om) की गूंज के समान होता है। माना जाता है कि घंटी बजाने से मंदिर में स्थापित देवी-देवताओं की प्रतिमाओं में चेतना जागृत होती है और हमारी प्रार्थना सीधे उन तक पहुंचती है।
धार्मिक दृष्टिकोण से घंटी बजाना केवल एक क्रिया नहीं, बल्कि भक्त और भगवान के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने का एक पवित्र माध्यम है। शास्त्रों में घंटी की ध्वनि को 'आह्वान' कहा गया है। इसका सीधा की मतलब यह है कि हम ईश्वर का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करते हैं। साथ ही, उनसे अपनी प्रार्थना सुनने का विनम्र अनुरोध करते हैं।
घंटी बजाने के पीछे के बड़े कारण
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घंटी बजाकर हम मंदिर में विराजमान देवी-देवताओं की प्रतिमाओं में चेतना जागृत करते हैं। यह एक तरह का संकेत है कि 'हे ईश्वर, मैं आपके द्वार पर हाजिर हूँ, मेरी प्रार्थना सुनें।'
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स्कंद पुराण में घंटी की ध्वनि को 'ॐ' (Om) की गूंज के समान बताया गया है। माना जाता है कि घंटी से निकलने वाला स्वर बुरी शक्तियों को दूर भगाता है और सकारात्मकता (Positivity) का संचार करता है।

(Image Source: AI-Generated)
गरुड़ घंटी का खास महत्व
घर के मंदिर में अक्सर 'गरुड़ घंटी' का उपयोग होता है, जिसके ऊपरी हिस्से पर भगवान विष्णु (Lord Vishnu) के वाहन गरुड़ देव बने होते हैं। गरुड़ को देवताओं का संदेशवाहक माना जाता है, इसलिए इसे बजाना हमारी भक्ति का संदेश सीधे प्रभु तक पहुंचाने का माध्यम है।
मंदिर की घंटियां तांबा, जस्ता, निकल और क्रोमियम जैसी धातुओं के खास मिश्रण से बनाई जाती हैं। जब इन्हें बजाया जाता है, तो इनसे निकलने वाली गूंज कम से कम 7 सेकंड तक बनी रहती है। यह गूंज हमारे दिमाग के दाएं और बाएं हिस्सों (Left and Right Brain) को एक साथ जोड़ देती है, जिससे मन तुरंत शांत हो जाता है।
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