शिवलिंग पर जल चढ़ाने का सबसे शुभ समय कौन-सा है, क्या रात के समय जलाभिषेक करना ठीक है?
शिव महापुराण के अनुसार शिवलिंग पर जल चढ़ाने का सबसे शुभ समय ब्रह्म मुहूर्त और प्रातः 5 से 11 बजे के बीच है। सामान्य दिनों में रात में जलाभिषेक से बचना ...और पढ़ें

शिवलिंग पर जल चढ़ाने का सही समय और रात में जलाभिषेक के नियम (Picture Credit: AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सावन का पूरा महीना भगवान शिव को समर्पित होता है और इस दौरान भक्त पूजा और अर्चना में लीन रहते हैं। ऐसा माना जाता है कि जो भक्त शिवलिंग पर जल चढ़ाता यही उसके जीवन के समस्त कष्ट दूर होते हैं मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
इसी कारण से सावन में शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है और लोग शिवलिंग को जल अर्पित करते हैं। शिव महापुराण में शिवलिंग पर जला अर्पित करने के कई नियम बनाए गए हैं और उनका पालन जरूरी माना जाता है।
वहीं कई बार मन में यह सवाल भी आता है कि शिव जी का जलाभिषेक करने का सबसे शुभ समय कौन सा है और किस समय शिवलिंग पर जल नहीं चढ़ाना चाहिए? आइए आपको बताते हैं इन सवालों का सही जवाब और शिव महापुराण में लिखे जलाभिषेक के नियमों के बारे में।
शिवलिंग पर जल चढ़ाने का सबसे शुभ समय
अगर हम ज्योतिष और पुराणों की मानें तो शिवलिंग पर जल चढ़ाने का सबसे शुभ समय शिवलिंग पर जल चढ़ाने का सबसे अच्छा समय ब्रह्म मुहूर्त को माना जाता है।
इसका मतलब यह है कि यदि आप सूर्योदय से ठीक 1 घंटा 36 मिनट पहले और सूर्योदय से 48 मिनट पहले तक शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं तो यह सबसे शुभ माना जाता है। यह समय प्रातः 4 से 5:30 के बीच माना जाता है। यदि आप ब्रह्ममुहूर्त में जलाभिषेक न कर पाएं तो प्रातः 5:00 बजे से 11:00 बजे के बीच भी शिवलिंग का जलाभिषेक किया जा सकता है।
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क्या रात के समय शिवलिंग पर जल चढ़ा सकते हैं?
अगर हम पुराणों की मानें तो आम दिनों में रात के समय शिवलिंग का जलाभिषेक नहीं करना चाहिए। शिव महापुराण में बताया गया है कि आपको शाम के समय से ही शिवलिंग पर जल नहीं चढ़ाना चाहिए। हालांकि, कुछ विशेष मुहूर्त में जैसे प्रदोष काल, शिवरात्रि या विशेष रात्रि पूजा के समय शाम के समय भी शिवलिंग पर जल चढ़ाया जा सकता है।
मान्यता है कि सावन की शिवरात्रि या महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर चारों प्रहर की पूजा के समय कभी भी शिवलिंग पर जल चढ़ाया जा सकता है।
शिवलिंग पर जल चढ़ाने के नियम
सावन या किसी भी समय अगर आप शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं तो आपको कुछ विशेष नियमों का पालन जरूर करना चाहिए। आइए जानें इसके बारे में-
- आपको सही मुहूर्त में ही शिवलिंग का जलाभिषेक करना चाहिए। संभव हो तो ब्रह्म मुहूर्त में जलाभिषेक करें।
- शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय आपका मुख उत्तर दिशा की तरफ होना चाहिए।
- शिवलिंग पर जल हमेशा एक धारा के रूप में ही चढ़ाना चाहिए। कभी भी एक साथ पूरा जल अर्पित नहीं करना चाहिए।
- जलाभिषेक के लिए हमेशा तांबे के लोटे का इस्तेमाल करना चाहिए। हालांकि, अगर आप जल के साथ दूध भी चढ़ा रहे हैं तो पीतल के लोटे का इस्तेमाल करें।
अगर आप भी शिव जी का जलाभिषेक कर रहे हैं तो यहां बताई बातों का ध्यान रखना जरूरी है जिससे आपको शिव पूजन का पूर्ण फल मिले।
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