जब महादेव भी पड़ गए थे संकट में! फिर भगवान विष्णु ने ऐसे किया भस्मासुर का सर्वनाश
भस्मासुर ने महादेव से ऐसा वरदान प्राप्त किया जिससे वह जिसके सिर पर हाथ रखे, वह भस्म हो जाए। भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण कर भस्मासुर को छल से उसी क ...और पढ़ें

भस्मासुर की वो एक गलती, जिसने उसे पल भर में राख बना दिया(Picture Credit AI- Generated Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। भस्मासुर एक अत्यंत महत्वाकांक्षी और क्रूर राक्षस था। उसने तपस्या के द्वारा महादेव को प्रसन्न किया और मनचाहा वारदाना मांगा। भगवान शिव के द्वारा दिया गया वरदान से ही भस्मासुर का अंत हुआ, लेकिन क्या आप जानते हैं महादेव का वरदान भस्मासुर के लिए कैसे मौत की वजह बना। अगर नहीं पता, तो ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं इसके बारे में विस्तार से।
कैसे हुआ भस्मासुर का अंत
पौराणिक कथा के अनुसार, भस्मासुर नाम का एक महाशक्तिशाली राक्षस था। उसने भगवान शिव की तपस्या की, जिससे महादेव प्रसन्न हुए। इसके बाद शिव जी प्रकट हुए और राक्षस से मनचाहा वरदान मांगने के लिए। भस्मासुर ने शिव जी से बेहद विनाशकारी वरदान मांगा। उनसे महादेव से कहा कि आप मुझे ऐसा वरदान दें कि मैं जिसके भी सिर पर अपना हाथ रखूं, वह जलकर राख हो जाए। शिव जी ने कोई भी चिंता किए बिना भस्मासुर को वरदान दे दिया।
भस्मासुर की महादेव को भस्म करने की कोशिश की
वरदान मिलने के बाद भस्मासुर में अहंकार आ गया। इसके बाद भस्मासुर ने महादेव के सिर पर हाथ रखने के लिए उनके पीछे दौड़ पड़ा।भस्मासुर की कोशिश थी कि अगर महादेव भस्म हो गए, तो मां पार्वती और कैलाश पर उसका अधिकार हो जाएगा। यही सोचकर भस्मासुर ने महादेव के सिर पर हाथ रखने के लिए उनकी तरफ दौड़ा।
शिव जी को गुफा में शरण लेनी पड़ी शरण
भस्मासुर को देख महादेव बेहद चिंतित हुए और राक्षस से खुद को बचाने के लिए शिव जी को गुफा में शरण लेनी पड़ी थी। जब जगत के पालनहार भगवान विष्णु को इस बारे में पता चला, तो उन्होंने आकर्षक स्त्री मोहिनी का रूप धारण किया। जब मोहिनी पर भस्मासुर की नजर पड़ी, तो वह भगवान शिव का पीछा करना भूल गया।
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मोहिनी ने भस्मासुर के सामने रखी ये शर्त
भस्मासुर ने मोहिनी के सामने विवाह का प्रस्ताव रखा। ऐसे में मोहिनी भस्मासुर के सामने एक शर्त रखी और जो इस शर्त को पूरा कर देगा, मैं उसी के साथ विवाह करूंगी। मोहिनी ने शर्त रखी कि जो मेरे साथ कदम से कदम मिलाकर ठीक उसी की तरह नृत्य कर सके। इस काम को करने के लिए भस्मासुर तैयार हो गया। नृत्य के दौरान मोहिनी ने अपना हाथ सिर के ऊपर रख लिया। मोहिनी की सुंदरता को देख भस्मासुर अपने वरदान के बारे में भूल गया। मोहिनी की नकल करते हुए उसने अपना हाथ अपने सिर के ऊपर रख लिया और वह तुरंत जलकर भस्म हो गया।इस प्रंसग का वर्णन श्रीमद्भागवत पुराण और शिव पुराण में देखने को मिलता है।
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