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कजरी तीज का व्रत कुंवारी लड़कियां भी रख सकती हैं या नहीं? यहां पढ़ें सही नियम

Updated: Wed, 19 Aug 2026 03:05 PM (IST)

कजरी तीज का व्रत कुंवारी लड़कियां भी अच्छे जीवनसाथी की कामना के लिए रख सकती हैं। इस व्रत के नियम ...और पढ़ें

अविवाहित लड़कियों के लिए कजरी तीज के नियम (Picture Credit: AI Generated)

अविवाहित लड़कियों के लिए कजरी तीज के नियम (Picture Credit: AI Generated)

HighLights

  1. कुंवारी लड़कियां भी रख सकती हैं कजरी तीज व्रत।

  2. उत्तम जीवनसाथी की प्राप्ति हेतु यह व्रत महत्वपूर्ण।

  3. भगवान शिव-पार्वती की पूजा से मिलती है मनोकामना पूर्ति।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में सभी त्योहारों का अपना अलग महत्व है और इनमें से एक है कजरी तीज। साल में मुख्य रूप से तीज का पर्व 3 बारे मनाया जाता है। पहली सावन में पड़ने वाली हरियाली तीज, दूसरी भाद्रपद में आने वाली कजरी तीज और तीसरी भाद्रपद की हरतालिका तीज।

इन सभी का महत्व अलग है, लेकिन भाद्रपद की कजरी तीज भी बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस साल कजरी तीज व्रत 31 अगस्त, सोमवार को रखा जाएगा। यह व्रत मुख्य रूप से सुहागिन महिलाओं के लिए होता है और शादीशुदा महिलाएं इस दिन पति की दीर्घायु की कामना में उपवास करती हैं।

कजरी तीज के दिन मुख्य रूप से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है और साथ ही, नीमड़ी माता की भी पूजा होती है। एक सवाल जो मन में अक्सर आता है कि क्या इस व्रत को कुंवारी लड़कियां भी रख सकती हैं? आइए आपको बताते हैं इस सवाल के उत्तर के बारे में।

क्या कजरी तीज का व्रत कुंवारी लड़कियां रख सकती हैं?

अगर हम कजरी तीज के व्रत के नियमों की बात करें तो हां, कजरी तीज का व्रत कुंवारी लड़कियां भी अच्छे जीवनसाथी की कामना में कर सकती हैं।

इसके पीछे एक पौराणिक धारणा यह है कि इस व्रत को माता पार्वती ने भगवान शिव के लिए रखा था। आज भी ऐसा माना जाता है कि अगर कुंवारी लड़कियां इस व्रत को करती हैं और पूरे विधि-विधान के साथ भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं, तो उन्हें अच्छे जीवनसाथी का आशीर्वाद मिलता है।

कुंवारी लड़कियों के लिए कजरी तीज व्रत के नियम

अगर कुंवारी लड़कियां कजरी तीज का व्रत करती हैं तो उन्हें कजरी तीज व्रत के नियमों का पालन भी करना चाहिए। आइए जानें इन नियमों के बारे में-

  • सबसे पहले स्नान आदि से मुक्त होकर साफ वस्त्र धारण करें। इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती का ध्यान करके व्रत का संकल्प करें।
  • एक चौकी में लाल कपड़ा बिछाएं और उसमें भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा स्थापित करें।
  • पूजा में माता पार्वती को सुहाग की सामग्री, फूल और फल अर्पित किए जाते हैं। भगवान शिव को जल, बेलपत्र और पुष्प चढ़ाएं।
  • पूजा के दौरान कजरी तीज व्रत की कथा सुनें। इस व्रत में शाम के समय भी विधि-विधान से पूजा करके आरती करें।
  • पूरे दिन व्रत का पालन करें और अगले दिन इस व्रत का पारण करें।
  • कजरी तीज का व्रत कुंवारी कन्याओं को पूरी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार रखना चाहिए।

अगर आप पहली बार व्रत कर रही हैं, तो आपको यह व्रत अपनी परंपरा और स्थानीय धार्मिक मान्यताओं को ध्यान में रखकर ही करना चाहिए। कुंवारी लड़कियों को यह व्रत करने से अच्छे जीवनसाथी का आशीर्वाद मिलता है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।