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    हरियाली तीज पर माता पार्वती को जरूर चढ़ाएं सुहाग की ये 16 चीजें, वैवाहिक जीवन में बनी रहेगी खुशहाली

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 12:30 PM (IST)

    हरियाली तीज पर सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु और कुंवारी लड़कियां अच्छे जीवनसाथी के लिए व्रत रखती हैं। इस दिन माता पार्वती को 16 श्रृंगार की सामग्री ...और पढ़ें

    हरियाली तीज पर मां पार्वती को चढ़ाएं ये 16 श्रृंगार, वैवाहिक जीवन में आएगी खुशहाली (Picture Credit: AI Generated)

    हरियाली तीज पर मां पार्वती को चढ़ाएं ये 16 श्रृंगार, वैवाहिक जीवन में आएगी खुशहाली (Picture Credit: AI Generated)

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    संक्षेप में पढ़ें

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सावन के महीने में पड़ने वाली हरियाली तीज का विशेष महत्व होता है और इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की दीर्घायु के लिए उपवास करती हैं।

    यह व्रत माता पार्वती और भगवान शिव की कृपा पाने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है और इससे प्रसन्न होकर माता पार्वती व्रती महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद देती हैं। ऐसा कहा जाता है कि माता पार्वती ने शिव जी को पति के रूप में पाने के लिए सालों तक तपस्या की और हरियाली तीज के दिन ही भगवान शिव ने माता पार्वती को पत्नी रूप में स्वीकार किया।

    उसी समय से हरियाली तीज का व्रत शादीशुदा स्त्रियां पति की दीर्घायु की कामना में करती हैं और कुंवारी लड़कियां इस व्रत को अच्छे जीवनसाथी की कामना में रखती हैं।

    इस दिन पूजन के साथ सोलह श्रृंगार का भी विशेष महत्व है और जो भी माता पार्वती को सोलह श्रृंगार अर्पित करता है उसकी समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है। आइए एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी श्री चंद्रेश शर्मा से जानें सुहाग की 16 सामग्रियां कौन सी हैं और इनका महत्व क्या है?

    हरियाली तीज पर सुहाग की कौन-सी 16 चीजें चढ़ाना शुभ माना जाता है?

    हरियाली तीज पर मां पार्वती को सुहाग की 16 सामग्री (सोलह शृंगार) अर्पित करने का विशेष विधान है। यह केवल बाह्य सुंदरता का साधन नहीं, बल्कि महिला के आरोग्य, सौभाग्य और अखंड सुहाग का वैदिक प्रतीक माना जाता है। सोलह शृंगार की सामग्रियां और उनका धार्मिक महत्व यहां विस्तार से जानें।

    बिंदी

    सुहागिन महिलाओं के लिए सोलह श्रृंगार में से बिंदी को प्रमुख माना जाता है। माथे के केंद्र में लगने वाली यह बिंदी एकाग्रता और सौभाग्य का प्रतीक है। इसे माता पार्वती को अवश्य अर्पित करें। ध्यान रखें कि आप माता को लाल या मैरून रंग की बिंदी ही चढ़ाएं।

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    सिंदूर

    सिंदूर को पति की दीर्घायु और सुहाग की पहचान माना जाता है और इसके बिना शादीशुदा महिला का श्रृंगार अधूरा होता है। हरियाली तीज पर माता पार्वती को लाल सिंदूर चढ़ाएं।

    काजल

    यह आंखों की सुंदरता के साथ-साथ बुरी नजर से हमारी रक्षा भी करता है। माता पार्वती को हरियाली तीज पर काजल अवश्य चढ़ाएं।

    मेहंदी

    हाथों में रची मेहंदी पति के प्रेम और शुभता को दर्शाती है। अगर आप हरियाली तीज पर हाथों को मेहंदी से सजाने के साथ माता पार्वती को भी मेहंदी अर्पित करेंगी तो उनका आशीर्वाद मिलेगा।

    लाल या हरी साड़ी

    लाल रंग सुहाग का प्रतीक और हरा रंग हरियाली का प्रतीक होता है। इसलिए आप हरियाली तीज के दिन माता पार्वती को इन्हीं रंगों की साड़ी चढ़ाएं। भूलकर भी हरियाली तीज पर न पहने काले कपड़े, इससे पूजा का फल नहीं मिलता है। 

    कांच की चूड़ियां

    लाल और हरी चूड़ियों की खनक घर में शुभ ऊर्जा लाती है। आप माता को 12 या 24 की संख्या में चूड़ियां अर्पित कर सकती हैं और हरियाली तीज पर खुद भी इन्हीं रंगों की चूड़ियां पहनें।

    मांग टीका

    यह सही निर्णय लेने और मस्तिष्क को शांत रखने का प्रतीक है। अगर आप माता को मांग टीका अर्पित करती हैं तो सदैव उनका आशीर्वाद बना रहता है।

    नथ (नथुनी)

    नाथ को सौंदर्य और सम्मान का प्रतीक माना जाता है। हरियाली तीज पर आप जब पूजा करें तो नाथ जरूर पहनें और माता पार्वती को भी नथ चढ़ाएं।

    कर्णफूल (झुमके)

    कानों के आभूषण अच्छे विचारों को सुनने की प्रेरणा देते हैं। यदि आप माता को ये आभूषण चढ़ाती हैं तो अत्यंत फलदायी हो सकता है।

    मंगलसूत्र या हंसुली

    यह शिव-शक्ति के बंधन और अखंड सौभाग्य का प्रतीक है। आप सोलह श्रृंगार में ये जरूर माता पार्वती को अर्पित करें। इससे आपको अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलेगा।

    अंगूठी

    यह आपसी विश्वास और प्रेम का प्रतीक है और माता पार्वती को आप यह जरूर चढ़ाएं। इससे आपके वैवाहिक जीवन में भी प्रेम बना रहेगा।

    कमरबंद

    यह संयम और सौंदर्य को संतुलित करता है। अगर आप हरियाली तीज के दिन माता पार्वती को कमरबंद चढ़ाएं तो आपका जीवन और सौंदर्य संतुलित रहेगा।

    बिछिया

    पैरों की अंगुलियों में पहनी जाने वाली बिछिया स्वास्थ्य को संतुलित रखती है। माता पार्वती को हरियाली तीज पर बिछिया चढ़ाने से सेहत अच्छी बनी रहती है।

    पायल

    घुंघरू की आवाज घर के वातावरण को पवित्र करती है। हरियाली तीज पर आप भी माता पार्वती को जरूर चढ़ाएं पायल।

    महावर (आलता)

    यह एक ऐसी सामग्री है जो पैरों की सुंदरता और मांगलिक कार्यों की शुभता का प्रतीक है। सोलह श्रृंगार में इसे जरूरी माना जाता है।

    इत्र (सुगंध)

    यह जीवन में प्रेम और प्रसन्नता की सुगंध बिखेरता है। इसलिए यदि आप हरियाली तीज के दिन माता पार्वती को इत्र चढ़ाएंगी तो आपके वैवाहिक जीवन में भी शुध्दता बनी रहेगी।

    हरियाली तीज पर सोलह श्रृंगार अर्पित करने के बाद आप किसी सुहागिन महिला या ब्राह्मणी को इसे दान कर सकती हैं, इससे माता पार्वती की कृपा बनी रहेगी और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।