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    Chaitra Navratri 2026: महाअष्टमी के दिन कन्या पूजन करते समय न करें ये गलतियां, बरतें ये जरूरी सावधानियां

    Updated: Mon, 23 Mar 2026 06:33 PM (IST)

    चैत्र नवरात्र की महाअष्टमी पर कन्या पूजन का विशेष महत्व है, जिसमें 2 से 10 साल की कन्याओं को मां दुर्गा का रूप मानकर पूजा जाता है। ...और पढ़ें

    Chaitra Navratri 2026: कन्या पूजन के नियम। Ai Generated Image

    Chaitra Navratri 2026: कन्या पूजन के नियम। Ai Generated Image

    HighLights

    1. महाअष्टमी का पर्व बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है

    2. इस दिन कन्या पूजन करने की परंपरा है

    3. कन्याओं को मां दुर्गा का प्रतीक माना जाता है

    धर्म डेक्स, नई दिल्ली। Chaitra Navratri 2026: महाअष्टमी का पर्व बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन कन्या पूजन करने की परंपरा है, जिन्हें मां दुर्गा का प्रतीक माना जाता है। हालांकि, कई बार अनजाने में हम कन्या पूजन के दौरान कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे हमारी पूजा का पूरा फल नहीं मिलता है। इसके साथ ही जीवन में शुभता का आगमन होता है। आइए इस दिन से जुड़ी जरूरी बातों को जानते हैं, जो इस प्रकार हैं -

    kanya pujan rules

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    भूलकर भी न करें ये गलतियां (Kanya Pujan 2026 Dos)

    • शास्त्रानुसार, कन्या पूजन के लिए 2 से लेकर 10 साल तक की कन्याओं को कन्या पूजन के लिए ज्यादा शुभ माना जाता है।
    • कन्याओं को साक्षात देवी का रूप माना जाता है। उन्हें भोजन के लिए विवश न करें। अगर कोई कन्या कुछ नहीं खाना चाहती, तो उनपर दबाव न डालें।
    • क्रोध या चिड़चिड़ापन पूजा के पुण्य को खत्म कर सकता है।
    • कन्या पूजन में सभी कन्याओं को एक समान आदर दें।
    • कन्या पूजन के लिए भोजन सात्विक रखें।
    • कन्याओं को भोजन परोसने से पहले उसे चखें नहीं। साथ ही, भोजन परोसते समय पवित्रता का विशेष ध्यान रखें।
    • कन्याओं के जाने के बाद तुरंत सफाई में न लगें।
    • कन्याओं को सम्मानपूर्वक विदा करें।

    इन सावधानियों का रखें विशेष ध्यान (Kanya Pujan 2026 Donts)

    • कन्याओं के घर में प्रवेश करते ही सबसे पहले उनके पैर धोएं और उन्हें पवित्र आसन पर बिठाएं। यह सम्मान का प्रतीक है।
    • नौ कन्याओं के साथ एक बालक को भोजन कराना न भूलें। भैरव के बिना देवी की पूजा अधूरी मानी जाती है।
    • भोजन के बाद कन्याओं को लाल चुनरी, फल, मिठाई और अपनी क्षमता के अनुसार दक्षिणा जरूर दें।
    • विदाई के समय सभी कन्याओं के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लें। मान्यता है कि उनके द्वारा दिया गया आशीर्वाद साक्षात मां महागौरी का आशीर्वाद होता है।

    कन्या पूजन मंत्र (Kanya Pujan 2026 Mantra)

    • ॐ श्री कुमार्यै नमः ॥
    • जगत्पूज्ये जगद्वन्द्ये सर्वशक्तिस्वरूपिणी। पूजां गृहाण कौमारी जगन्मातर्नमोस्तु ते॥
    • या देवी सर्वभू‍तेषु कन्या रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥
    • मंत्राक्षरमयीं लक्ष्मीं मातृणां रूपधारिणीम्। नवदुर्गात्मिकां साक्षात् कन्यामावहयाम्यहम्॥

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।