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    Chaitra Navratri 2026: नवरात्र के छठे दिन मां कात्यायनी को लगाएं इन चीजों का भोग, दूर होंगे सभी कष्ट

    Updated: Mon, 23 Mar 2026 06:57 PM (IST)

    चैत्र नवरात्र (Chaitra Navratri 2026) के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा होती है। इनकी आराधना से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। ...और पढ़ें

    Chaitra Navratri 2026: मां कात्यायनी के प्रिय भोग। Ai Generated Image

    Chaitra Navratri 2026: मां कात्यायनी के प्रिय भोग। Ai Generated Image

    HighLights

    1. चैत्र नवरात्र के छठे दिन भक्त मां कात्यायनी की पूजा करते हैं

    2. मां कात्यायनी का स्वरूप बहुत दिव्य है

    3. देवी की पूजा से शुभ फलों की प्राप्ति होती है

    धर्म डेक्स, नई दिल्ली। Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्र के छठे दिन भक्त मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना करते हैं। मां कात्यायनी का स्वरूप बहुत भव्य और दिव्य है, उनकी चार भुजाएं हैं और वे सिंह पर सवार हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महिषासुर का वध करने के लिए देवी ने इसी स्वरूप को धारण किया था, जो भक्त देवी के इस स्वरूप की पूजा करते हैं, उन्हें सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। साथ ही रोग-दोष का नाश होता है। आइए इस दिन से जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं, जो इस प्रकार हैं -

    Navratri 2025 day 6 Maa Katyayani puja 2

    मां कात्यायनी के प्रिय भोग का महत्व

    शास्त्रों में मां कात्यायनी को शहद का भोग लगाना सबसे फलदायी बताया गया है। शहद शुद्धता, मिठास और ऊर्जा का प्रतीक है। मान्यता है कि अगर छठे दिन मां को शहद अर्पित किया जाए, तो साधक की सभी इच्छाएं पूर्ण होती है और उसके व्यक्तित्व में आकर्षण बढ़ता है।

    भोग लगाने की विधि

    एक चांदी या तांबे की कटोरी में शुद्ध शहद लें।
    पूजा के समय मां के सामने इसे अर्पित करें।
    बाद में इस शहद को प्रसाद के रूप में ग्रहण करें और परिवार में बांटें।

    पीले रंग की चीजों का भोग

    मां कात्यायनी को पीला रंग बहुत प्रिय है। शहद के अलावा आप उन्हें आम, केला, बेसन के लड्डू या केसरिया हलवे का भोग लगा सकते हैं। इन चीजों का भोग लगाने से विवाह में आ रही अड़चनें दूर होती हैं। इसके साथ ही देवी की कृपा मिलती है।

    पूजा मंत्र

    चंद्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना।
    कात्यायनी शुभं दद्याद् देवी दानवघातिनी॥

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