Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    Chaitra Navratri Ashtami-Navami 2026: कब है महाअष्टमी और किस दिन मनेगी राम नवमी? नोट कर लें एकदम सटीक तारीख

    Updated: Sat, 14 Mar 2026 12:52 PM (IST)

    चैत्र नवरात्र (Chaitra Navratri 2026) का पर्व मां दुर्गा की पूजा के लिए समर्पित है। आइए इससे जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं। ...और पढ़ें

    Chaitra Navratri 2026: अष्टमी तिथि का महत्व। (Ai Generated Image)

    Chaitra Navratri 2026: अष्टमी तिथि का महत्व। (Ai Generated Image)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Chaitra Navratri Ashtami-Navami 2026: चैत्र नवरात्र का पर्व बेहद शुभ माना जाता है। जल्द ही इस पावन पर्व की शुरुआत होने वाली है। नवरात्र के करीब आते ही भक्तों के मन में सबसे बड़ा सवाल अष्टमी और नवमी की सही तिथि को लेकर है। साल 2026 में ये दोनों तिथियां कब पड़ रही हैं, आइए जानते हैं कि इस साल महाअष्टमी और राम नवमी कब मनाई जाएगी और इस दौरान किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए?

    ashtami - navami rules

    Ai Generated Image

    महाअष्टमी और रामनवमी 2026 कब है? (Chaitra Navratri Ashtami-Navami 2026 Date)

    • महाअष्टमी (Maha Ashtami): इस साल महाअष्टमी 26 मार्च 2026, गुरुवार को मनाई जाएगी। यह दिन मां महागौरी को समर्पित है। इसी दिन सुबह ही कन्या पूजन करना सबसे फलदायी माना गया है।
    • राम नवमी (Ram Navami): चैत्र नवरात्र की नवमी तिथि 27 मार्च 2026, दिन शुक्रवार को पड़ रही है। इसी दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम का जन्मोत्सव मनाया जाएगा और नवरात्र व्रत का पारण किया जाएगा।

    क्या करें? (Ashtami-Navami Dos)

    • अष्टमी के दिन 2 से 10 साल की कन्याओं को श्रद्धापूर्वक भोजन कराएं। उनके पैर छूकर आशीर्वाद लें, क्योंकि वे साक्षात देवी का रूप मानी जाती हैं।
    • अष्टमी तिथि के समाप्त होने और नवमी के शुरू होने के आखिरी 24 मिनटों को 'संधि काल' कहते हैं। इस समय दीपक जलाकर मां चामुंडा का ध्यान करने से जीवन के हर संकट का नाश होता है।
    • नवमी के दिन घर में छोटा सा हवन जरूर करें। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है।

    क्या न करें? (Ashtami-Navami Donts)

    • इन दो दिनों में घर में झगड़ा या किसी का अपमान न करें।
    • भूलकर भी तामसिक चीजों का सेवन न करें, जो लोग व्रत नहीं भी रख रहे हैं, उन्हें भी इन तिथियों पर सात्विक भोजन ही करना चाहिए।
    • राम नवमी पर भगवान राम की पूजा में तुलसी दल शामिल करना चाहिए, लेकिन नवरात्र की पूजा के दौरान मां दुर्गा को तुलसी दल गलती से भी न चढ़ाएं।
    • अष्टमी और नवमी की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठना चाहिए। देर तक सोने से पूजा का पूरा फल नहीं मिलता है।

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।